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Q: ‘बिहारी बिहार’ नामक ग्रंथ के रचयिता हैं:
  • A. काशीनाथ खत्री
  • B. बिहारी
  • C. राधाचरण गोस्वामी
  • D. पं. अंबिकादत्त व्यास
Correct Answer: Option D - ‘बिहारी बिहार’ नामक ग्रंथ के रचयिता पं. अंबिकादत्त व्यास हैं। अंबिकादत्त व्यास की रचनाएँ हैं- 1. पावस पचासा 2. सुकवि सतसई 3. हो हो होेरी। अंबिकादत्त व्यास ने अपने कवि जीवन का आरम्भ कविता वर्द्धिनी सभा में ‘पूरी अमी की कटोरिया-सी, चिरंजीवी रहौ विक्टोरिया रानी’ समस्या की पूर्ति करके किया और इस पर उन्हें ‘सुकवि’ की उपाधि प्राप्त हुई थी।
D. ‘बिहारी बिहार’ नामक ग्रंथ के रचयिता पं. अंबिकादत्त व्यास हैं। अंबिकादत्त व्यास की रचनाएँ हैं- 1. पावस पचासा 2. सुकवि सतसई 3. हो हो होेरी। अंबिकादत्त व्यास ने अपने कवि जीवन का आरम्भ कविता वर्द्धिनी सभा में ‘पूरी अमी की कटोरिया-सी, चिरंजीवी रहौ विक्टोरिया रानी’ समस्या की पूर्ति करके किया और इस पर उन्हें ‘सुकवि’ की उपाधि प्राप्त हुई थी।

Explanations:

‘बिहारी बिहार’ नामक ग्रंथ के रचयिता पं. अंबिकादत्त व्यास हैं। अंबिकादत्त व्यास की रचनाएँ हैं- 1. पावस पचासा 2. सुकवि सतसई 3. हो हो होेरी। अंबिकादत्त व्यास ने अपने कवि जीवन का आरम्भ कविता वर्द्धिनी सभा में ‘पूरी अमी की कटोरिया-सी, चिरंजीवी रहौ विक्टोरिया रानी’ समस्या की पूर्ति करके किया और इस पर उन्हें ‘सुकवि’ की उपाधि प्राप्त हुई थी।