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Q: भक्तमाल’ के रचयिता नाभादास के गुरु का नाम था:
  • A. नरहरिदास
  • B. बल्लभाचार्य
  • C. विट्ठलनाथ
  • D. अग्रदास
Correct Answer: Option D - भक्तमाल के रचयिता नाभादास के गुरू का नाम अग्रदास था। नाभादास ने सन् 1885 ई. के आस-पास ब्रजभाषा में भक्तमाल की रचना की। ‘भक्तमाल’ में 200 कवियों का जीवनवृत्त और उनकी भक्ति की महिमासूचक बातों को 316 छप्पयों में लिया गया है।
D. भक्तमाल के रचयिता नाभादास के गुरू का नाम अग्रदास था। नाभादास ने सन् 1885 ई. के आस-पास ब्रजभाषा में भक्तमाल की रचना की। ‘भक्तमाल’ में 200 कवियों का जीवनवृत्त और उनकी भक्ति की महिमासूचक बातों को 316 छप्पयों में लिया गया है।

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भक्तमाल के रचयिता नाभादास के गुरू का नाम अग्रदास था। नाभादास ने सन् 1885 ई. के आस-पास ब्रजभाषा में भक्तमाल की रचना की। ‘भक्तमाल’ में 200 कवियों का जीवनवृत्त और उनकी भक्ति की महिमासूचक बातों को 316 छप्पयों में लिया गया है।