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Q: भंजन, अपक्षय, विघटन, वर्षा और शिलीभवन प्रमुख भूवैज्ञानिक प्रक्रियाएँ हैं, जो निम्नलिखित में से किस चट्टान के निर्माण में योगदान करती हैं?
  • A. आग्नेय चट्टान
  • B. अवसादी चट्टान
  • C. रूपांतरित चट्टान
  • D. उप-रूपांतरित चट्टान
Correct Answer: Option B - अवसादी चट्टानें पृथ्वी की सतह पर मौजूद चट्टानों के भंजन, अपक्षय, विघटन, परिवहन, अवसादन और शिलीभवन की प्रक्रिया से बनती हैं। ये प्रक्रियाएँ लाखों वर्षों तक चलती हैं जिसके परिणामस्वरूप आग्नेय व रूपान्तरित चट्टाने, अवसादी चट्टानों में परिवर्तित होती हैं। अवसादी चट्टाने पृथ्वी की सतह पर पाई जाने वाली चट्टानों का एक प्रमुख प्रकार है। अवसादी चट्टानों में बलुआ पत्थर, कंकड पत्थर, चट्टान शेल आदि पाए जाते हैं। अवसादी चट्टान ऊर्जा एवं ईधन के अच्छे स्रोत है। इनका उपयोग निर्माण सामाग्री, जल भंडार तथा जीवाश्म विज्ञान में होता है।
B. अवसादी चट्टानें पृथ्वी की सतह पर मौजूद चट्टानों के भंजन, अपक्षय, विघटन, परिवहन, अवसादन और शिलीभवन की प्रक्रिया से बनती हैं। ये प्रक्रियाएँ लाखों वर्षों तक चलती हैं जिसके परिणामस्वरूप आग्नेय व रूपान्तरित चट्टाने, अवसादी चट्टानों में परिवर्तित होती हैं। अवसादी चट्टाने पृथ्वी की सतह पर पाई जाने वाली चट्टानों का एक प्रमुख प्रकार है। अवसादी चट्टानों में बलुआ पत्थर, कंकड पत्थर, चट्टान शेल आदि पाए जाते हैं। अवसादी चट्टान ऊर्जा एवं ईधन के अच्छे स्रोत है। इनका उपयोग निर्माण सामाग्री, जल भंडार तथा जीवाश्म विज्ञान में होता है।

Explanations:

अवसादी चट्टानें पृथ्वी की सतह पर मौजूद चट्टानों के भंजन, अपक्षय, विघटन, परिवहन, अवसादन और शिलीभवन की प्रक्रिया से बनती हैं। ये प्रक्रियाएँ लाखों वर्षों तक चलती हैं जिसके परिणामस्वरूप आग्नेय व रूपान्तरित चट्टाने, अवसादी चट्टानों में परिवर्तित होती हैं। अवसादी चट्टाने पृथ्वी की सतह पर पाई जाने वाली चट्टानों का एक प्रमुख प्रकार है। अवसादी चट्टानों में बलुआ पत्थर, कंकड पत्थर, चट्टान शेल आदि पाए जाते हैं। अवसादी चट्टान ऊर्जा एवं ईधन के अच्छे स्रोत है। इनका उपयोग निर्माण सामाग्री, जल भंडार तथा जीवाश्म विज्ञान में होता है।