Correct Answer:
Option B - जैन धर्म के वास्तविक संस्थापक 24वें तथा अंतिम तीर्थंकर महावीर स्वामी थे। इनका जन्म 540/599 ई.पू. वैशाली के कुण्डग्राम में हुआ था, जिसे आधुनिक बसाढ़ कहते है। बारह वर्ष की कठिन तपस्या के बाद महावीर को अंग देश के जृम्भिक ग्राम के निकट ऋजुपालिका नदी के तट पर साल वृक्ष के नीचे ज्ञान (कैवल्य) प्राप्त हुआ। ज्ञान प्राप्ति के बाद महावीर स्वामी ने अपना पहला उपदेश राजगृह में बितूलाचल पहाड़ी पर बराकर नदी के तट पर दिया।
महावीर की मृत्यु (मोक्ष की प्राप्ति) राजगृह के निकट पावापुरी में 72वर्ष की अवस्था में हुई।
B. जैन धर्म के वास्तविक संस्थापक 24वें तथा अंतिम तीर्थंकर महावीर स्वामी थे। इनका जन्म 540/599 ई.पू. वैशाली के कुण्डग्राम में हुआ था, जिसे आधुनिक बसाढ़ कहते है। बारह वर्ष की कठिन तपस्या के बाद महावीर को अंग देश के जृम्भिक ग्राम के निकट ऋजुपालिका नदी के तट पर साल वृक्ष के नीचे ज्ञान (कैवल्य) प्राप्त हुआ। ज्ञान प्राप्ति के बाद महावीर स्वामी ने अपना पहला उपदेश राजगृह में बितूलाचल पहाड़ी पर बराकर नदी के तट पर दिया।
महावीर की मृत्यु (मोक्ष की प्राप्ति) राजगृह के निकट पावापुरी में 72वर्ष की अवस्था में हुई।