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Q: भागीरथी एवं अलकनन्दा नदियाँ मिलकर गंगा कहलाती है
  • A. हरिद्वार से
  • B. ऋषिकेश से
  • C. देव प्रयाग से
  • D. रुद्र प्रयाग से
Correct Answer: Option C - गढ़वाल के देव प्रयाग में गंगोत्री से आने वाली भागीरथी और बद्रीनाथ की ओर से आने वाली अलकनंदा नदियों का संगम होता है और वहाँ से इन दोनों नदियों के मिलने के बाद गंगा का उद्भव होता है। देवप्रयाग से चलकर गंगा नदी ऋषिकेश, हरिद्वार, शुक्रताल, गढ़मुक्तेश्वर , कानपुर, इलाहाबाद, पटना, मुंगेर, भागलपुर, होती हुई गंगासागर (बंगाल की खाड़ी) में विलीन हो जाती है।
C. गढ़वाल के देव प्रयाग में गंगोत्री से आने वाली भागीरथी और बद्रीनाथ की ओर से आने वाली अलकनंदा नदियों का संगम होता है और वहाँ से इन दोनों नदियों के मिलने के बाद गंगा का उद्भव होता है। देवप्रयाग से चलकर गंगा नदी ऋषिकेश, हरिद्वार, शुक्रताल, गढ़मुक्तेश्वर , कानपुर, इलाहाबाद, पटना, मुंगेर, भागलपुर, होती हुई गंगासागर (बंगाल की खाड़ी) में विलीन हो जाती है।

Explanations:

गढ़वाल के देव प्रयाग में गंगोत्री से आने वाली भागीरथी और बद्रीनाथ की ओर से आने वाली अलकनंदा नदियों का संगम होता है और वहाँ से इन दोनों नदियों के मिलने के बाद गंगा का उद्भव होता है। देवप्रयाग से चलकर गंगा नदी ऋषिकेश, हरिद्वार, शुक्रताल, गढ़मुक्तेश्वर , कानपुर, इलाहाबाद, पटना, मुंगेर, भागलपुर, होती हुई गंगासागर (बंगाल की खाड़ी) में विलीन हो जाती है।