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Q: बहुबुद्धि सिद्धांत निम्नलिखित निहितार्थ देता है सिवाय
  • A. संवेगात्मक बुद्धि, बुद्धि–लब्धि से सम्बन्धित नहीं है
  • B. बुद्धि प्रक्रमण संक्रियाओं का एक विशिष्ट समुच्चय है जिसका उपयोग एक व्यक्ति द्वारा समस्या समाधान के लिए किया जाता है
  • C. विषयोें को विभिन्न तरीकों से प्रस्तत किया जा सकता है
  • D. विविध तरीकों से सीखने का आकलन प्रस्तुत किया जा सकता है
Correct Answer: Option B - बहुबुद्धि सिद्धांत यह निहितार्थ प्रस्तुत करता है कि संवेगात्मक बुद्धि, बुद्धि लब्धि से सम्बन्धित नहीं है, विषयों को विभिन्न तरीकों से प्रस्तुत किया जा सकता है, विविध तरीको से सीखने का आकलन प्रस्तुत किया जा सकता है किन्तु बुद्धि प्रक्रमण संक्रियाअ‍ें का एक विशिष्ट समुच्चय है जिसका उपयोग एक व्यक्ति द्वारा समस्या समाधान के लिए किया जाता है, यह सही नहीं है।
B. बहुबुद्धि सिद्धांत यह निहितार्थ प्रस्तुत करता है कि संवेगात्मक बुद्धि, बुद्धि लब्धि से सम्बन्धित नहीं है, विषयों को विभिन्न तरीकों से प्रस्तुत किया जा सकता है, विविध तरीको से सीखने का आकलन प्रस्तुत किया जा सकता है किन्तु बुद्धि प्रक्रमण संक्रियाअ‍ें का एक विशिष्ट समुच्चय है जिसका उपयोग एक व्यक्ति द्वारा समस्या समाधान के लिए किया जाता है, यह सही नहीं है।

Explanations:

बहुबुद्धि सिद्धांत यह निहितार्थ प्रस्तुत करता है कि संवेगात्मक बुद्धि, बुद्धि लब्धि से सम्बन्धित नहीं है, विषयों को विभिन्न तरीकों से प्रस्तुत किया जा सकता है, विविध तरीको से सीखने का आकलन प्रस्तुत किया जा सकता है किन्तु बुद्धि प्रक्रमण संक्रियाअ‍ें का एक विशिष्ट समुच्चय है जिसका उपयोग एक व्यक्ति द्वारा समस्या समाधान के लिए किया जाता है, यह सही नहीं है।