Correct Answer:
Option A - बहुभाषिक कक्षा में मातृ-भाषा प्रयोग को स्वीकार किया जाना चाहिए। बच्चे अपने साथ बहुत कुछ लेकर विद्यालय आते हैं- अपनी भाषा, अपने अनुभव और दुनिया को देखने का अपना नजरिया आदि। बच्चे घर परिवार एवं परिवेश से जिन अनुभवों, भाषा एवं विचारों को लेकर विद्यालय आते हैं, वे बहुत समृद्ध होते हैं। उनकी इस भाषायी पूँजी का इस्तेमाल भाषा सीखने-सिखाने के लिए किया जाना चाहिए। भाषा शिक्षण को बहुभाषी संदर्भ में रखकर देखने की आवश्यकता है। कक्षा में बच्चे अलग-अलग भाषायी-सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से आते हैं। कक्षा में इनकी भाषाओं का स्वागत किया जाना चाहिए, क्योंकि बच्चों की भाषा को नकारने का अर्थ है उनकी अस्मिता को नकारना।
A. बहुभाषिक कक्षा में मातृ-भाषा प्रयोग को स्वीकार किया जाना चाहिए। बच्चे अपने साथ बहुत कुछ लेकर विद्यालय आते हैं- अपनी भाषा, अपने अनुभव और दुनिया को देखने का अपना नजरिया आदि। बच्चे घर परिवार एवं परिवेश से जिन अनुभवों, भाषा एवं विचारों को लेकर विद्यालय आते हैं, वे बहुत समृद्ध होते हैं। उनकी इस भाषायी पूँजी का इस्तेमाल भाषा सीखने-सिखाने के लिए किया जाना चाहिए। भाषा शिक्षण को बहुभाषी संदर्भ में रखकर देखने की आवश्यकता है। कक्षा में बच्चे अलग-अलग भाषायी-सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से आते हैं। कक्षा में इनकी भाषाओं का स्वागत किया जाना चाहिए, क्योंकि बच्चों की भाषा को नकारने का अर्थ है उनकी अस्मिता को नकारना।