Correct Answer:
Option D - बहुआयामी निर्धनता सुचकांक तीन आयामों स्वास्थ्य, शिक्षा व जीवन स्तर पर आधारित होता है। वैश्विक बहुआयामी गरीबी सूचकांक UNDP तथा आक्सफोर्ड गरीबी एवं मानव विकास पहल द्वारा वर्ष 2010 में जारी किया गया है। वर्ष 2023 में जारी बहुआयामी गरीबी सूचकांक, 2023 के अनुसार भारत में अभी भी 230 मिलियन से अधिक लोग गरीब है।
D. बहुआयामी निर्धनता सुचकांक तीन आयामों स्वास्थ्य, शिक्षा व जीवन स्तर पर आधारित होता है। वैश्विक बहुआयामी गरीबी सूचकांक UNDP तथा आक्सफोर्ड गरीबी एवं मानव विकास पहल द्वारा वर्ष 2010 में जारी किया गया है। वर्ष 2023 में जारी बहुआयामी गरीबी सूचकांक, 2023 के अनुसार भारत में अभी भी 230 मिलियन से अधिक लोग गरीब है।