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Q: बच्चों में संज्ञानात्मक विकास किसका परिणाम है?
  • A. केवल आनुवंशिकता का
  • B. केवल वातावरण का
  • C. आनुवंशिकता और वातावरण की पारस्परिक क्रिया का।
  • D. केवल आर्थिक कारकों का।
Correct Answer: Option C - बच्चों में संज्ञानात्मक विकास आनुवंशिकता और वातावरण की पारस्परिक क्रिया का परिणाम है। आनुवंशिकता और वातावरण मेें पारस्परिक निर्भरता है। ये एक दूसरे के पूरक और सहयोगी है। बच्चों को जो मूल प्रवृत्तियाँ आनुवंशिकता से प्राप्त होती है, उनका विकास वातावरण में होता है। जैसे-बालक में यदि बौद्धिक शक्ति नहीं है तो उत्तम वातावरण भी उसका मानसिक विकास नहीं कर सकता। इसी प्रकार बौद्धिक शक्ति वाला बालक प्रतिकूल वातावरण में अपना मानसिक विकास नहीं कर सकता है। अत: बच्चों के सम्पूर्ण व्यवहार की सृष्टि आनुवंशिकता और वातावरण की अन्त:क्रिया द्वारा होती है अर्थात् बालक के विकास के लिए दोनों का समान महत्व है।
C. बच्चों में संज्ञानात्मक विकास आनुवंशिकता और वातावरण की पारस्परिक क्रिया का परिणाम है। आनुवंशिकता और वातावरण मेें पारस्परिक निर्भरता है। ये एक दूसरे के पूरक और सहयोगी है। बच्चों को जो मूल प्रवृत्तियाँ आनुवंशिकता से प्राप्त होती है, उनका विकास वातावरण में होता है। जैसे-बालक में यदि बौद्धिक शक्ति नहीं है तो उत्तम वातावरण भी उसका मानसिक विकास नहीं कर सकता। इसी प्रकार बौद्धिक शक्ति वाला बालक प्रतिकूल वातावरण में अपना मानसिक विकास नहीं कर सकता है। अत: बच्चों के सम्पूर्ण व्यवहार की सृष्टि आनुवंशिकता और वातावरण की अन्त:क्रिया द्वारा होती है अर्थात् बालक के विकास के लिए दोनों का समान महत्व है।

Explanations:

बच्चों में संज्ञानात्मक विकास आनुवंशिकता और वातावरण की पारस्परिक क्रिया का परिणाम है। आनुवंशिकता और वातावरण मेें पारस्परिक निर्भरता है। ये एक दूसरे के पूरक और सहयोगी है। बच्चों को जो मूल प्रवृत्तियाँ आनुवंशिकता से प्राप्त होती है, उनका विकास वातावरण में होता है। जैसे-बालक में यदि बौद्धिक शक्ति नहीं है तो उत्तम वातावरण भी उसका मानसिक विकास नहीं कर सकता। इसी प्रकार बौद्धिक शक्ति वाला बालक प्रतिकूल वातावरण में अपना मानसिक विकास नहीं कर सकता है। अत: बच्चों के सम्पूर्ण व्यवहार की सृष्टि आनुवंशिकता और वातावरण की अन्त:क्रिया द्वारा होती है अर्थात् बालक के विकास के लिए दोनों का समान महत्व है।