Correct Answer:
Option C - बच्चों के विकास में आनुवांशिकता एवं वातावरण परस्पर एक दूसरे से जुड़े हुए होते हैं। यह दोनों एक दूसरे से इस प्रकार से जुड़े हुए होते हैं कि इन्हें पृथक नहीं किया जा सकता है। यह दोनों बाल विकास को गहरे स्तर पर प्रभावित करते हैं। बालक के संपूर्ण व्यवहार की सृष्टि अनुवांशिकता तथा वातावरण के अंत: क्रिया द्वारा होती है। आनुवांशिकता द्वारा जहाँ बच्चे का रंग-रूप, लंबाई-चौड़ाई गुणसूत्र, डी.एन.ए. तथा शारीरिक लक्षण आदि निर्धारित होते हैं वहीं पर वातावरण द्वारा माता के गर्भ में पल रहा शिशु प्रभावित होता है। वायु, धूप तथा स्वच्छता वातावरण के तीन मुख्य तत्व हैं जो कि शारीरिक विकास को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष दोनों रूप से प्रभावित करता है। अत: बालक के विकास के विभिन्न आयामों में आनुवांशिकता व वातावरण का अलग-अलग प्रभाव पड़ता है।
इस प्रकार (iii) तथा (iv) सही है।
C. बच्चों के विकास में आनुवांशिकता एवं वातावरण परस्पर एक दूसरे से जुड़े हुए होते हैं। यह दोनों एक दूसरे से इस प्रकार से जुड़े हुए होते हैं कि इन्हें पृथक नहीं किया जा सकता है। यह दोनों बाल विकास को गहरे स्तर पर प्रभावित करते हैं। बालक के संपूर्ण व्यवहार की सृष्टि अनुवांशिकता तथा वातावरण के अंत: क्रिया द्वारा होती है। आनुवांशिकता द्वारा जहाँ बच्चे का रंग-रूप, लंबाई-चौड़ाई गुणसूत्र, डी.एन.ए. तथा शारीरिक लक्षण आदि निर्धारित होते हैं वहीं पर वातावरण द्वारा माता के गर्भ में पल रहा शिशु प्रभावित होता है। वायु, धूप तथा स्वच्छता वातावरण के तीन मुख्य तत्व हैं जो कि शारीरिक विकास को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष दोनों रूप से प्रभावित करता है। अत: बालक के विकास के विभिन्न आयामों में आनुवांशिकता व वातावरण का अलग-अलग प्रभाव पड़ता है।
इस प्रकार (iii) तथा (iv) सही है।