Correct Answer:
Option D - बच्चों के बारे में सामाजिक-संरचनावादी परिप्रेक्ष्य यह प्रतिपादित करता है कि बच्चे क्रियाशील प्राणी है जो अपने सामाजिक सांस्कृतिक संदर्भों में काम व अंत:क्रिया करके ज्ञान का सृजन करते हैं। समाज से प्राप्त होने वाला यह ज्ञान जो संस्कृति और संदर्भ को महत्व देता है सामाजिक संरचनावाद कहलाता है। सामाजिक संरचनावाद की धारणा है कि सीखना एक सामाजिक प्रक्रिया है न तो यह अकेले में हो सकती है और न ही समाज के साथ निष्क्रिय व्यवहार करने से सीखना संभव होगा। सीखने के लिए वाह्य प्रेरणा की आवश्यकता होती है। अर्थपूर्ण सीखने के लिए अधिगमकर्ता को सामाजिक क्रियाओं में व्यस्त रहना आवश्यक है।
D. बच्चों के बारे में सामाजिक-संरचनावादी परिप्रेक्ष्य यह प्रतिपादित करता है कि बच्चे क्रियाशील प्राणी है जो अपने सामाजिक सांस्कृतिक संदर्भों में काम व अंत:क्रिया करके ज्ञान का सृजन करते हैं। समाज से प्राप्त होने वाला यह ज्ञान जो संस्कृति और संदर्भ को महत्व देता है सामाजिक संरचनावाद कहलाता है। सामाजिक संरचनावाद की धारणा है कि सीखना एक सामाजिक प्रक्रिया है न तो यह अकेले में हो सकती है और न ही समाज के साथ निष्क्रिय व्यवहार करने से सीखना संभव होगा। सीखने के लिए वाह्य प्रेरणा की आवश्यकता होती है। अर्थपूर्ण सीखने के लिए अधिगमकर्ता को सामाजिक क्रियाओं में व्यस्त रहना आवश्यक है।