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Q: Basenagar inscription mentioned about the following: हेलियोडोरस के बेसनगर अभिलेख में निम्नांकित का उल्लेख है -
  • A. Sankarshana & Vasudeva/संकर्षण एवं वासुदेव
  • B. Sankarshana, Pradyumna and Vasudeva संकर्षण प्रद्युम्न एवं वासुदेव
  • C. Vasudeva only/केवल वासुदेव
  • D. All the Panchaviras/सभी पंचवीर
Correct Answer: Option C - शुंग शासक भागभद्र के शासनकाल के 14वें वर्ष तक्षशिला के यवन नरेश एन्टियालकीड्स का राजदूत हेलियोडोरस उसके विदिशा स्थित दरबार में उपस्थित हुआ था। उसने भागवत धर्म ग्रहण कर लिया तथा विदिशा (बेसनगर) में ई.पू. लगभग दूसरी सदी के मध्य कृष्ण (वासुदेव) की आराधना के लिए वेत्रवती नदी के तट पर एक स्तम्भ बनवाया। यह भागवत धर्म का ज्ञात सर्वप्रथम अभिलेखीय साक्ष्य है। भागवत धर्म के प्रवर्तक श्री कृष्ण हैं। वासुदेव के पुत्र के कारण उन्हें वासुदेव कहा गया है।
C. शुंग शासक भागभद्र के शासनकाल के 14वें वर्ष तक्षशिला के यवन नरेश एन्टियालकीड्स का राजदूत हेलियोडोरस उसके विदिशा स्थित दरबार में उपस्थित हुआ था। उसने भागवत धर्म ग्रहण कर लिया तथा विदिशा (बेसनगर) में ई.पू. लगभग दूसरी सदी के मध्य कृष्ण (वासुदेव) की आराधना के लिए वेत्रवती नदी के तट पर एक स्तम्भ बनवाया। यह भागवत धर्म का ज्ञात सर्वप्रथम अभिलेखीय साक्ष्य है। भागवत धर्म के प्रवर्तक श्री कृष्ण हैं। वासुदेव के पुत्र के कारण उन्हें वासुदेव कहा गया है।

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शुंग शासक भागभद्र के शासनकाल के 14वें वर्ष तक्षशिला के यवन नरेश एन्टियालकीड्स का राजदूत हेलियोडोरस उसके विदिशा स्थित दरबार में उपस्थित हुआ था। उसने भागवत धर्म ग्रहण कर लिया तथा विदिशा (बेसनगर) में ई.पू. लगभग दूसरी सदी के मध्य कृष्ण (वासुदेव) की आराधना के लिए वेत्रवती नदी के तट पर एक स्तम्भ बनवाया। यह भागवत धर्म का ज्ञात सर्वप्रथम अभिलेखीय साक्ष्य है। भागवत धर्म के प्रवर्तक श्री कृष्ण हैं। वासुदेव के पुत्र के कारण उन्हें वासुदेव कहा गया है।