Correct Answer:
Option D - उपरिलिखित ‘कथ्यते’ अव्यय पदं न अस्ति अर्थात् कथ्यते अव्यय पद नहीं है यह एक क्रिया पद है। यदा, तदा, तथा, ये अव्यय पद हैं। ‘‘अव्यय- अव्यय ऐसे शब्द को कहते हैं जो सदा एक सा रहे। अर्थात् जिसका व्यय न हो।
सदृशं त्रिषु लिङ्गेषु सर्वाषु च विभक्तिषु।
वचनेषु च सर्वेषु यन्नव्ययेति तदव्ययम् ।।
अव्यय चार प्रकार के होते हैं- (1) उपसर्ग (2) क्रियाविशेषण (3) समुच्चय बोधक (4) मनोविकार सूचक।
D. उपरिलिखित ‘कथ्यते’ अव्यय पदं न अस्ति अर्थात् कथ्यते अव्यय पद नहीं है यह एक क्रिया पद है। यदा, तदा, तथा, ये अव्यय पद हैं। ‘‘अव्यय- अव्यय ऐसे शब्द को कहते हैं जो सदा एक सा रहे। अर्थात् जिसका व्यय न हो।
सदृशं त्रिषु लिङ्गेषु सर्वाषु च विभक्तिषु।
वचनेषु च सर्वेषु यन्नव्ययेति तदव्ययम् ।।
अव्यय चार प्रकार के होते हैं- (1) उपसर्ग (2) क्रियाविशेषण (3) समुच्चय बोधक (4) मनोविकार सूचक।