Correct Answer:
Option C - पुरूषस्य परं निधानं सन्तोषं भवति। अर्थात् पुरूष का पर विराम् स्थान (पडाव) सन्तोष होता है। ‘सन्तोष’ एवं पुरूषस्य परं निधानम्’ सन्तोष ही पुरूष का परम पडाव या विराम स्थान है जहाँ पहुँचकर मनुष्य अपनी ऐच्छिक क्रियाओं से मुक्त हो जाता है।
C. पुरूषस्य परं निधानं सन्तोषं भवति। अर्थात् पुरूष का पर विराम् स्थान (पडाव) सन्तोष होता है। ‘सन्तोष’ एवं पुरूषस्य परं निधानम्’ सन्तोष ही पुरूष का परम पडाव या विराम स्थान है जहाँ पहुँचकर मनुष्य अपनी ऐच्छिक क्रियाओं से मुक्त हो जाता है।