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Q: अधिकांश साहित्येतिहासकारों के अनुसार हिंदी के प्रथम कवि हैं :
  • A. कबीर
  • B. सूरदास
  • C. सरहपाद
  • D. विद्यापत
Correct Answer: Option C - सातवीं शताब्दी ई. के सिद्ध कवि `सरहपाद' को अधिकांश साहित्येतिहासकारों ने हिन्दी का प्रथम कवि माना है। राहुल सांकृत्यायन ने सरहपाद को ही हिन्दी का प्रथम कवि स्वीकार किया है। सरहपाद ने `दोहाकोश' नामक ग्रंथ की रचना की। सरहपा बौद्ध धर्म के सहजयान (वज्रयान) के प्रवर्तक थे। शिवसिंह सेंगर ने पुष्पदन्त अथवा पुण्ड को, गणपतिचंद्र गुप्त ने शालिभद्र सूरि को तथा आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने चन्दवरदाई को हिन्दी का प्रथम कवि माना है।
C. सातवीं शताब्दी ई. के सिद्ध कवि `सरहपाद' को अधिकांश साहित्येतिहासकारों ने हिन्दी का प्रथम कवि माना है। राहुल सांकृत्यायन ने सरहपाद को ही हिन्दी का प्रथम कवि स्वीकार किया है। सरहपाद ने `दोहाकोश' नामक ग्रंथ की रचना की। सरहपा बौद्ध धर्म के सहजयान (वज्रयान) के प्रवर्तक थे। शिवसिंह सेंगर ने पुष्पदन्त अथवा पुण्ड को, गणपतिचंद्र गुप्त ने शालिभद्र सूरि को तथा आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने चन्दवरदाई को हिन्दी का प्रथम कवि माना है।

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सातवीं शताब्दी ई. के सिद्ध कवि `सरहपाद' को अधिकांश साहित्येतिहासकारों ने हिन्दी का प्रथम कवि माना है। राहुल सांकृत्यायन ने सरहपाद को ही हिन्दी का प्रथम कवि स्वीकार किया है। सरहपाद ने `दोहाकोश' नामक ग्रंथ की रचना की। सरहपा बौद्ध धर्म के सहजयान (वज्रयान) के प्रवर्तक थे। शिवसिंह सेंगर ने पुष्पदन्त अथवा पुण्ड को, गणपतिचंद्र गुप्त ने शालिभद्र सूरि को तथा आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने चन्दवरदाई को हिन्दी का प्रथम कवि माना है।