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Q: ‘‘अतिरेकवादी पूर्णता की तुष्टि करना कब रहा आसान?’’ मुक्तिबोध द्वारा किया गया यह कथन किस विशेष मन:स्थिति का द्योतक है?
  • A. असहायता
  • B. भूखों के दुराग्रह से उत्पन्न असह्य स्थिति।
  • C. कभी पूरा न करने की लाचारी।
  • D. राक्षसी-वृत्ति का सामना न कर पाने की चिन्ता।
Correct Answer: Option B - ‘‘अतिरेकवादी पूर्णता की तुष्टि करना कब रहा आसान?’’ ‘मुक्तिबोध द्वारा किया गया यह कथन ‘भूखों के दुराग्रह से उत्पन्न असहय स्थिति’ विशेष मन:स्थिति का द्योतक है।
B. ‘‘अतिरेकवादी पूर्णता की तुष्टि करना कब रहा आसान?’’ ‘मुक्तिबोध द्वारा किया गया यह कथन ‘भूखों के दुराग्रह से उत्पन्न असहय स्थिति’ विशेष मन:स्थिति का द्योतक है।

Explanations:

‘‘अतिरेकवादी पूर्णता की तुष्टि करना कब रहा आसान?’’ ‘मुक्तिबोध द्वारा किया गया यह कथन ‘भूखों के दुराग्रह से उत्पन्न असहय स्थिति’ विशेष मन:स्थिति का द्योतक है।