Correct Answer:
Option B - किसी भी खगोलीय पिण्ड (जैसे धरती) के बाह्य आन्तरिक का वह भाग जो उसे पिण्ड के सतह से दिखाई देता है वही आकाश गहरे-नीले रंग की सतह जैसा प्रतीत होता है, जो प्रकीर्णन के परिणाम स्वरूप घटित होता है। जबकि रात्रि में हमें आकाश तारों से भरा हुआ काले रंग का सतह जैसा प्रतीत होता है। अन्तरिक्ष यात्री को आकाश काला दिखाई देता है क्योंकि वहाँ वातावरण न होने के कारण प्रकीर्णन (Scattering) की घटना नहीं होती है।
B. किसी भी खगोलीय पिण्ड (जैसे धरती) के बाह्य आन्तरिक का वह भाग जो उसे पिण्ड के सतह से दिखाई देता है वही आकाश गहरे-नीले रंग की सतह जैसा प्रतीत होता है, जो प्रकीर्णन के परिणाम स्वरूप घटित होता है। जबकि रात्रि में हमें आकाश तारों से भरा हुआ काले रंग का सतह जैसा प्रतीत होता है। अन्तरिक्ष यात्री को आकाश काला दिखाई देता है क्योंकि वहाँ वातावरण न होने के कारण प्रकीर्णन (Scattering) की घटना नहीं होती है।