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Q: At which of the following Sessions of the Indian National Congress did the Champaran trouble come up for discussion? भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस के किस अधिवेशन में चंपारण समस्या, चर्चा का विषय बना?
  • A. Calcutta, 1911/कलकत्ता, 1911
  • B. Patna, 1912/पटना, 1912
  • C. Ramgarh, 1940/रामगढ़ 1940
  • D. More than one of the above उपर्युक्त में से एक से अधिक
  • E. None of the above/उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option E - भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस के लखनऊ अधिवेशन (1916) में चम्पारण समस्या, चर्चा का विषय बना। इस अधिवेशन में चंपारण के रैयतों के नेता राज कुमार शुक्ल गाँधीजी से मुलाकात की और नील उत्पादकों की शिकायतें रखी। लखनऊ अधिवेश में ही कृषि संकट की जाँच के संबंध में ब्रजकिशोर प्रसाद द्वारा एक प्रस्ताव पेश किया गया था। राजकुमार शुक्ल के आग्रह पर गाँधी जी चंपारण गये एवं 1917 में अपना पहला सफल सत्याग्रह किया। दिए गए विकल्पों में कोई भी विकल्प सही नहीं है। अत: इसका अभीष्ट उत्तर (e) होगा।
E. भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस के लखनऊ अधिवेशन (1916) में चम्पारण समस्या, चर्चा का विषय बना। इस अधिवेशन में चंपारण के रैयतों के नेता राज कुमार शुक्ल गाँधीजी से मुलाकात की और नील उत्पादकों की शिकायतें रखी। लखनऊ अधिवेश में ही कृषि संकट की जाँच के संबंध में ब्रजकिशोर प्रसाद द्वारा एक प्रस्ताव पेश किया गया था। राजकुमार शुक्ल के आग्रह पर गाँधी जी चंपारण गये एवं 1917 में अपना पहला सफल सत्याग्रह किया। दिए गए विकल्पों में कोई भी विकल्प सही नहीं है। अत: इसका अभीष्ट उत्तर (e) होगा।

Explanations:

भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस के लखनऊ अधिवेशन (1916) में चम्पारण समस्या, चर्चा का विषय बना। इस अधिवेशन में चंपारण के रैयतों के नेता राज कुमार शुक्ल गाँधीजी से मुलाकात की और नील उत्पादकों की शिकायतें रखी। लखनऊ अधिवेश में ही कृषि संकट की जाँच के संबंध में ब्रजकिशोर प्रसाद द्वारा एक प्रस्ताव पेश किया गया था। राजकुमार शुक्ल के आग्रह पर गाँधी जी चंपारण गये एवं 1917 में अपना पहला सफल सत्याग्रह किया। दिए गए विकल्पों में कोई भी विकल्प सही नहीं है। अत: इसका अभीष्ट उत्तर (e) होगा।