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Q: Assertion (A): Lord Linlithgow described the August Movement of 1942 as the most serious revolt after the sepoy mutiny. कथन (A)–लॉर्ड लिनलिथगो ने 1942 के अगस्त आंदोलन को, सिपाही विद्रोह के बाद, सर्वाधिक गंभीर विद्रोह कहा था। Reason (R): Peasants joined the movement in large number in some places. कारण (R)–कुछ क्षेत्रों में किसान व्यापक जनान्दोलन में उठ खड़े हुए थे। Code/कूट :
  • A. Both A and R are true and R is the correct explanation of A/A और R दोनों सही हैं, और R, A का सही स्पष्टीकरण है
  • B. Both A and R are true but R is not the correct explanation of A/ A और R दोनों सही हैं, परन्तु R, A का सही स्पष्टीकरण नहीं है
  • C. A is true but R is false/A सही है, परन्तु R गलत है
  • D. A is false but R is true/A गलत है, परन्तु R सही है
Correct Answer: Option B - 1857 के सिपाही विद्रोह के बाद सबसे बड़ा आन्दोलन 1942 के भारत छोड़ो आन्दोलन को लॉर्ड लिनलिथगो ने एक गम्भीर विद्रोह बताया था। नि:संदेह भारत छोड़ो आन्दोलन भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन की पराकाष्ठा थी। यद्यपि इस आन्दोलन को बर्बरता पूर्वक कुचल दिया गया था किन्तु अंगे्रज यह समझ चुके थे कि अब भारत पर शासन करना सरल नहीं है इसलिए इस आन्दोलन के बाद ब्रिटिश शासन का मुख्य उद्देश्य यह बन गया कि सत्ता का हस्तांतरण किस रूप में और किसे दिया जाये। भारत छोड़ो आन्दोलन के समय भारत का प्रधान सेनापति लार्ड वैवेल थे। ये 1943-47 तक भारत के वायसराय रहे। वायसराय लॉर्ड लिनलिथगो का कार्यकाल भारत में सबसे लम्बा था। इनका कार्यकाल भारत में 1936 से 1943 तक रहा। भारत छोड़ो आन्दोलन इन्हीं के कार्यकाल में महात्मा गाँधी द्वारा चलाया गया।
B. 1857 के सिपाही विद्रोह के बाद सबसे बड़ा आन्दोलन 1942 के भारत छोड़ो आन्दोलन को लॉर्ड लिनलिथगो ने एक गम्भीर विद्रोह बताया था। नि:संदेह भारत छोड़ो आन्दोलन भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन की पराकाष्ठा थी। यद्यपि इस आन्दोलन को बर्बरता पूर्वक कुचल दिया गया था किन्तु अंगे्रज यह समझ चुके थे कि अब भारत पर शासन करना सरल नहीं है इसलिए इस आन्दोलन के बाद ब्रिटिश शासन का मुख्य उद्देश्य यह बन गया कि सत्ता का हस्तांतरण किस रूप में और किसे दिया जाये। भारत छोड़ो आन्दोलन के समय भारत का प्रधान सेनापति लार्ड वैवेल थे। ये 1943-47 तक भारत के वायसराय रहे। वायसराय लॉर्ड लिनलिथगो का कार्यकाल भारत में सबसे लम्बा था। इनका कार्यकाल भारत में 1936 से 1943 तक रहा। भारत छोड़ो आन्दोलन इन्हीं के कार्यकाल में महात्मा गाँधी द्वारा चलाया गया।

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1857 के सिपाही विद्रोह के बाद सबसे बड़ा आन्दोलन 1942 के भारत छोड़ो आन्दोलन को लॉर्ड लिनलिथगो ने एक गम्भीर विद्रोह बताया था। नि:संदेह भारत छोड़ो आन्दोलन भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन की पराकाष्ठा थी। यद्यपि इस आन्दोलन को बर्बरता पूर्वक कुचल दिया गया था किन्तु अंगे्रज यह समझ चुके थे कि अब भारत पर शासन करना सरल नहीं है इसलिए इस आन्दोलन के बाद ब्रिटिश शासन का मुख्य उद्देश्य यह बन गया कि सत्ता का हस्तांतरण किस रूप में और किसे दिया जाये। भारत छोड़ो आन्दोलन के समय भारत का प्रधान सेनापति लार्ड वैवेल थे। ये 1943-47 तक भारत के वायसराय रहे। वायसराय लॉर्ड लिनलिथगो का कार्यकाल भारत में सबसे लम्बा था। इनका कार्यकाल भारत में 1936 से 1943 तक रहा। भारत छोड़ो आन्दोलन इन्हीं के कार्यकाल में महात्मा गाँधी द्वारा चलाया गया।