Explanations:
1857 के सिपाही विद्रोह के बाद सबसे बड़ा आन्दोलन 1942 के भारत छोड़ो आन्दोलन को लॉर्ड लिनलिथगो ने एक गम्भीर विद्रोह बताया था। नि:संदेह भारत छोड़ो आन्दोलन भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन की पराकाष्ठा थी। यद्यपि इस आन्दोलन को बर्बरता पूर्वक कुचल दिया गया था किन्तु अंगे्रज यह समझ चुके थे कि अब भारत पर शासन करना सरल नहीं है इसलिए इस आन्दोलन के बाद ब्रिटिश शासन का मुख्य उद्देश्य यह बन गया कि सत्ता का हस्तांतरण किस रूप में और किसे दिया जाये। भारत छोड़ो आन्दोलन के समय भारत का प्रधान सेनापति लार्ड वैवेल थे। ये 1943-47 तक भारत के वायसराय रहे। वायसराय लॉर्ड लिनलिथगो का कार्यकाल भारत में सबसे लम्बा था। इनका कार्यकाल भारत में 1936 से 1943 तक रहा। भारत छोड़ो आन्दोलन इन्हीं के कार्यकाल में महात्मा गाँधी द्वारा चलाया गया।