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Q: अष्टमकक्षाया: एक: अध्यापक: एकस्य गद्यपाठस्य विभाजनं चतुर्षु भागेषु कृत्वा प्रत्येकं छात्राय एकं भागं प्रयच्छति। छात्रा:, चतुर्षु समूहेषु स्वभागस्य वाचनं कृत्वा गद्यात् प्राप्तसूचनाया: परस्परम् आदान-प्रदानं कुर्वन्ति। तत्पश्चात् ते सम्पूर्णगद्याधारिताम् एकां सारिणीं (Table) पूरयन्ति। एतया रीत्या, या ‘Jigsaw Reading’ इति मन्यते, छात्रेषु केषां कौशलानां विकासस्य सम्भावना दृश्यते?
  • A. वाचन-भाषण-कौशलयो:
  • B. वाचन-श्रवण-लेखन-कौशलानाम्
  • C. वाचन-श्रवण-भाषण-कौशलानाम्
  • D. वाचन-लेखन-भाषण-कौशलानाम्
Correct Answer: Option B - आठवीं कक्षा का एक अध्यापक एक गद्य पाठ का विभाजन चार भागों में करके प्रत्येक छात्र को एक भाग प्रदान करता है। छात्र चार समूहों में अपने भाग का वाचन करके गद्य से प्राप्त सूचना का परस्पर आदान-प्रदान करते हैं। तत्पश्चात् वे सम्पूर्ण गद्य आधारित एक सारणी बनाते हैं। इससे छात्रों के वचन, श्रवण, लेखन, कौशल के विकास की सम्भावना दिखती है।
B. आठवीं कक्षा का एक अध्यापक एक गद्य पाठ का विभाजन चार भागों में करके प्रत्येक छात्र को एक भाग प्रदान करता है। छात्र चार समूहों में अपने भाग का वाचन करके गद्य से प्राप्त सूचना का परस्पर आदान-प्रदान करते हैं। तत्पश्चात् वे सम्पूर्ण गद्य आधारित एक सारणी बनाते हैं। इससे छात्रों के वचन, श्रवण, लेखन, कौशल के विकास की सम्भावना दिखती है।

Explanations:

आठवीं कक्षा का एक अध्यापक एक गद्य पाठ का विभाजन चार भागों में करके प्रत्येक छात्र को एक भाग प्रदान करता है। छात्र चार समूहों में अपने भाग का वाचन करके गद्य से प्राप्त सूचना का परस्पर आदान-प्रदान करते हैं। तत्पश्चात् वे सम्पूर्ण गद्य आधारित एक सारणी बनाते हैं। इससे छात्रों के वचन, श्रवण, लेखन, कौशल के विकास की सम्भावना दिखती है।