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Q: ‘‘अंषडियाँ झाई पड़ी पंथ निहारि निहारि। जीभड़ियाँ छाला पड्या राम पुकारि पुकारि।। उक्त पंक्ति का सम्बंध किस मत से है?
  • A. वैष्णव
  • B. निर्गुण संतमत
  • C. बौद्ध
  • D. ईसाई
Correct Answer: Option B - प्रश्नगत पंक्ति कबीरदास द्वारा रचित है। इसमें ईश्वर (ब्रह्म) के प्राप्ति के तीव्र उत्कण्ठा को व्यक्त किया गया है। कबीर के राम निर्गुण ब्रह्म के प्रतीक है, वे दशरथ सुत या वैष्णवों के आराध्य नही है। यह पंक्ति निर्गुण संतमत को व्यक्त करती है, इसका सम्बन्ध वैष्णव, बौद्ध एवं ईसाई किसी भी मत से नही है।
B. प्रश्नगत पंक्ति कबीरदास द्वारा रचित है। इसमें ईश्वर (ब्रह्म) के प्राप्ति के तीव्र उत्कण्ठा को व्यक्त किया गया है। कबीर के राम निर्गुण ब्रह्म के प्रतीक है, वे दशरथ सुत या वैष्णवों के आराध्य नही है। यह पंक्ति निर्गुण संतमत को व्यक्त करती है, इसका सम्बन्ध वैष्णव, बौद्ध एवं ईसाई किसी भी मत से नही है।

Explanations:

प्रश्नगत पंक्ति कबीरदास द्वारा रचित है। इसमें ईश्वर (ब्रह्म) के प्राप्ति के तीव्र उत्कण्ठा को व्यक्त किया गया है। कबीर के राम निर्गुण ब्रह्म के प्रतीक है, वे दशरथ सुत या वैष्णवों के आराध्य नही है। यह पंक्ति निर्गुण संतमत को व्यक्त करती है, इसका सम्बन्ध वैष्णव, बौद्ध एवं ईसाई किसी भी मत से नही है।