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Q: असंगत-युग्ममस्ति
  • A. नायक:–भूतपूर्व:
  • B. पितरौ–पाणिपादम्
  • C. चोरभयम्–करणीय:
  • D. एकाधिकविकल्पा उपयुक्ता:
  • E. न कोऽपि उपयुक्त:
Correct Answer: Option D - प्रश्नानुसारं एकाधिकविकल्पा: उपयुक्ता: विकल्प (d) समुचितं उत्तरं अस्ति। प्रश्नानुसार समुचित उत्तर (d) है। (a) नायक: भूतपूर्व: वहाँ यह पद असंगत है, क्योंकि नायक पद में कोई समास नहीं है भूतपूर्व केवल समास का उदाहरण है। (b) पितरौ तथा पाणिपादम् दोनों संगत पद हैं, क्योंकि ये दोनों सामासिक पद हैं दोनों में द्वन्द्व समास है। (c) चोरभयम् करणीय: यहाँ चोरभयम् सामासिक पद है तथा करणीय: क्रिया पद है अत: असंगत है।
D. प्रश्नानुसारं एकाधिकविकल्पा: उपयुक्ता: विकल्प (d) समुचितं उत्तरं अस्ति। प्रश्नानुसार समुचित उत्तर (d) है। (a) नायक: भूतपूर्व: वहाँ यह पद असंगत है, क्योंकि नायक पद में कोई समास नहीं है भूतपूर्व केवल समास का उदाहरण है। (b) पितरौ तथा पाणिपादम् दोनों संगत पद हैं, क्योंकि ये दोनों सामासिक पद हैं दोनों में द्वन्द्व समास है। (c) चोरभयम् करणीय: यहाँ चोरभयम् सामासिक पद है तथा करणीय: क्रिया पद है अत: असंगत है।

Explanations:

प्रश्नानुसारं एकाधिकविकल्पा: उपयुक्ता: विकल्प (d) समुचितं उत्तरं अस्ति। प्रश्नानुसार समुचित उत्तर (d) है। (a) नायक: भूतपूर्व: वहाँ यह पद असंगत है, क्योंकि नायक पद में कोई समास नहीं है भूतपूर्व केवल समास का उदाहरण है। (b) पितरौ तथा पाणिपादम् दोनों संगत पद हैं, क्योंकि ये दोनों सामासिक पद हैं दोनों में द्वन्द्व समास है। (c) चोरभयम् करणीय: यहाँ चोरभयम् सामासिक पद है तथा करणीय: क्रिया पद है अत: असंगत है।