Correct Answer:
Option A - एक पुलिस अधिकारी के रूप में, कुछ जनजातियाँ गलती से आदतन अपराधी समझे जाने की शिकायत करती है, तो हमे बलात् कबूलनामे (स्वीकारोक्ति) की निगरानी के लिए निगरानी शिकायत प्रकोष्ठ स्थापित करना चाहिए। पुलिसिंग प्रथाओं में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में निगरानी शिकायत कक्षों की स्थापना एक सक्रिय कदम है।
A. एक पुलिस अधिकारी के रूप में, कुछ जनजातियाँ गलती से आदतन अपराधी समझे जाने की शिकायत करती है, तो हमे बलात् कबूलनामे (स्वीकारोक्ति) की निगरानी के लिए निगरानी शिकायत प्रकोष्ठ स्थापित करना चाहिए। पुलिसिंग प्रथाओं में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में निगरानी शिकायत कक्षों की स्थापना एक सक्रिय कदम है।