search
Q: गणित के शिक्षण–अधिगम पर निम्नलिखित में से किसका प्रभाव होने की संभावना न्यूनतम है?
  • A. मूल्यांकन के कारण छात्रों के आत्मविश्वास पर प्रभाव पड़ने के तरीकों की जानकारी होना।
  • B. छात्रों के गलत उत्तरों के पूरे हल देना।
  • C. प्रतिपुष्टि की गुणवत्ता में वृद्धि।
  • D. मूल्यांकन के परिणामों के प्रयोग से शिक्षण में परिवर्तन करना।
Correct Answer: Option B - सिर्फ छात्रों के गलत उत्तरों के संपूर्ण हल देने मात्र से शिक्षण अधिगम प्रक्रिया प्रभावी नहीं होती है। गणित के शिक्षण अधिगम प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के लिए शिक्षक छात्रों से बात करके, उनका निरीक्षण करके, छात्रों की बाते सुनकर तथा छात्रों के सोचने के तरीकों से मूल्यांकन करता है, और मूल्यांकन के माध्यम से छात्रों के आत्मविश्वास पर पड़ने वाले प्रभावों की जानकारी प्राप्त करता है। इस मूल्यांकन से प्राप्त परिणामों के आधार पर छात्रों को (फीडबैक) प्रतिपुष्टि प्रदान करता है। जिससे शिक्षण अधिगम प्रक्रिया सुदृढ़ होती है। नोट : मूल्यांकन, अध्यापन एवं अधिगम प्रक्रिया का एक अभिन्न अंग है। शिक्षण–अधिगम प्रक्रिया का अन्तिम सोपान मूल्यांकन ही है।
B. सिर्फ छात्रों के गलत उत्तरों के संपूर्ण हल देने मात्र से शिक्षण अधिगम प्रक्रिया प्रभावी नहीं होती है। गणित के शिक्षण अधिगम प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के लिए शिक्षक छात्रों से बात करके, उनका निरीक्षण करके, छात्रों की बाते सुनकर तथा छात्रों के सोचने के तरीकों से मूल्यांकन करता है, और मूल्यांकन के माध्यम से छात्रों के आत्मविश्वास पर पड़ने वाले प्रभावों की जानकारी प्राप्त करता है। इस मूल्यांकन से प्राप्त परिणामों के आधार पर छात्रों को (फीडबैक) प्रतिपुष्टि प्रदान करता है। जिससे शिक्षण अधिगम प्रक्रिया सुदृढ़ होती है। नोट : मूल्यांकन, अध्यापन एवं अधिगम प्रक्रिया का एक अभिन्न अंग है। शिक्षण–अधिगम प्रक्रिया का अन्तिम सोपान मूल्यांकन ही है।

Explanations:

सिर्फ छात्रों के गलत उत्तरों के संपूर्ण हल देने मात्र से शिक्षण अधिगम प्रक्रिया प्रभावी नहीं होती है। गणित के शिक्षण अधिगम प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के लिए शिक्षक छात्रों से बात करके, उनका निरीक्षण करके, छात्रों की बाते सुनकर तथा छात्रों के सोचने के तरीकों से मूल्यांकन करता है, और मूल्यांकन के माध्यम से छात्रों के आत्मविश्वास पर पड़ने वाले प्रभावों की जानकारी प्राप्त करता है। इस मूल्यांकन से प्राप्त परिणामों के आधार पर छात्रों को (फीडबैक) प्रतिपुष्टि प्रदान करता है। जिससे शिक्षण अधिगम प्रक्रिया सुदृढ़ होती है। नोट : मूल्यांकन, अध्यापन एवं अधिगम प्रक्रिया का एक अभिन्न अंग है। शिक्षण–अधिगम प्रक्रिया का अन्तिम सोपान मूल्यांकन ही है।