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Q: ``अराति–सैन्य सिन्धु में सुबाडवाग्नि से जलो, प्रवीर हो जयी बनो, बढ़े चलो।'' में कौन से गण हैं –
  • A. जगण रगण जगण रगण जगण गुरु
  • B. रगण जगण तगण तगण जगण गुरु
  • C. रगण रगण जगण जगण मगण गुरु
  • D. मगण भगण नगण तगण तगण गुरु
Correct Answer: Option A - उपर्युक्त पंक्तियों में जगण, रगण, जगण, रगण, जगण गुरु नामक गण हैं। जगण में मध्य गुरु होता है। रगण में मध्य लघु होता है और अंत में गुरु होता है। लघु का चिन्ह । तथा गुरु का चिन्ह ऽ होता है।
A. उपर्युक्त पंक्तियों में जगण, रगण, जगण, रगण, जगण गुरु नामक गण हैं। जगण में मध्य गुरु होता है। रगण में मध्य लघु होता है और अंत में गुरु होता है। लघु का चिन्ह । तथा गुरु का चिन्ह ऽ होता है।

Explanations:

उपर्युक्त पंक्तियों में जगण, रगण, जगण, रगण, जगण गुरु नामक गण हैं। जगण में मध्य गुरु होता है। रगण में मध्य लघु होता है और अंत में गुरु होता है। लघु का चिन्ह । तथा गुरु का चिन्ह ऽ होता है।