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Q: अर्नेस्ट रदरफोर्ड ने स्वर्ण-पत्र प्रयोग के परिणामों को कब प्रकाशित किया जिससे यह पता चला कि परमाणु-नाभिक के केंन्द्र में स्थित दृढ़, सघन क्रोड के चलते प्रकीर्णन होता है?
  • A. 1905
  • B. 1911
  • C. 1921
  • D. 1925
Correct Answer: Option B - अर्नेस्ट रदरफोर्ड ने स्वर्ण-पत्र प्रयोग के परिणामों को सन् 1911 में प्रकाशित किया जिससे यह पता चला कि परमाणु-नाभिक के केंन्द्र में स्थित दृढ़, सघन क्रोड के चलते प्रकीर्णन होता है।
B. अर्नेस्ट रदरफोर्ड ने स्वर्ण-पत्र प्रयोग के परिणामों को सन् 1911 में प्रकाशित किया जिससे यह पता चला कि परमाणु-नाभिक के केंन्द्र में स्थित दृढ़, सघन क्रोड के चलते प्रकीर्णन होता है।

Explanations:

अर्नेस्ट रदरफोर्ड ने स्वर्ण-पत्र प्रयोग के परिणामों को सन् 1911 में प्रकाशित किया जिससे यह पता चला कि परमाणु-नाभिक के केंन्द्र में स्थित दृढ़, सघन क्रोड के चलते प्रकीर्णन होता है।