Correct Answer:
Option B - अर्नेस्ट रदरफोर्ड ने स्वर्ण-पत्र प्रयोग के परिणामों को सन् 1911 में प्रकाशित किया जिससे यह पता चला कि परमाणु-नाभिक के केंन्द्र में स्थित दृढ़, सघन क्रोड के चलते प्रकीर्णन होता है।
B. अर्नेस्ट रदरफोर्ड ने स्वर्ण-पत्र प्रयोग के परिणामों को सन् 1911 में प्रकाशित किया जिससे यह पता चला कि परमाणु-नाभिक के केंन्द्र में स्थित दृढ़, सघन क्रोड के चलते प्रकीर्णन होता है।