Correct Answer:
Option C - ‘अरुण यह मधुमय देश हमारा’ नामक गीत प्रसाद के नाटक ‘चन्द्रगुप्त’ का है। इस गीत को सेल्युकस की पुत्री कार्नेलिया ने गाया है। प्रसाद जी के ऐतिहासिक नाटकों में ‘चन्द्रगुप्त’ का विशिष्ट स्थान है। यह नाटक उन्होंने 1931 ई. में लिखा था। इस नाटक के प्रमुख पात्र हैं- चन्द्रगुप्त, चाणक्य, सिंहरण, पर्वतेश्वर, नंद, सेल्युकस, अलक्षेन्द्र, महत्मादण्डायन, सुवासिनी, अलका, मालविका, कल्याणी, कार्नेलिया।
C. ‘अरुण यह मधुमय देश हमारा’ नामक गीत प्रसाद के नाटक ‘चन्द्रगुप्त’ का है। इस गीत को सेल्युकस की पुत्री कार्नेलिया ने गाया है। प्रसाद जी के ऐतिहासिक नाटकों में ‘चन्द्रगुप्त’ का विशिष्ट स्थान है। यह नाटक उन्होंने 1931 ई. में लिखा था। इस नाटक के प्रमुख पात्र हैं- चन्द्रगुप्त, चाणक्य, सिंहरण, पर्वतेश्वर, नंद, सेल्युकस, अलक्षेन्द्र, महत्मादण्डायन, सुवासिनी, अलका, मालविका, कल्याणी, कार्नेलिया।