Correct Answer:
Option A - अपने काव्य- सिद्धान्त की निर्मित के लिए क्रोचे ने सहजानुभूति की अवधारणा का सहारा लिया था।
क्रोचे के अनुसार, ‘‘अंत: प्रजा के क्षणों में आत्मा की सहजानुभूति ही अभिव्यंजना है।
A. अपने काव्य- सिद्धान्त की निर्मित के लिए क्रोचे ने सहजानुभूति की अवधारणा का सहारा लिया था।
क्रोचे के अनुसार, ‘‘अंत: प्रजा के क्षणों में आत्मा की सहजानुभूति ही अभिव्यंजना है।