Correct Answer:
Option B - प्रतिबन्धी (विपरीत) अणु कक्षक दो परमाणु कक्षकों के व्यवकलित अतिव्यापन द्वारा होता है। आणविक कक्षीय सिद्धांत के लिए माध्यमिक कक्षीय संयोजन नए आणविक कक्षक का निर्माण करता है। जैसे परमाणु में परमाणु कक्षक होते है और अणु में आणविक कक्षक होते है।
उत्पादित आणविक कक्षक की कुल संख्या हमेशा सयुक्त परमाणुओं द्वारा योगदान किए गए परमाणु कक्षकों की कुल संख्या के बराबर होती है। बॉन्डिंग मॉलिक्यूलर ऑर्बिटल ऊर्जा मे कम होता है। फिर पैरेंट ऑर्बिटल और एंटीबॉन्डिंग ऑर्बिटल और एंटीबॉन्डिंग ऑर्बिटल पेरेंट ऑर्बिटल की तुलना आबंधन आण्विक कक्षक का निर्माण परमाणु कक्षकों के अतिरिक्त अतिव्यापन से होता है।
ऐंटीबॉन्डिंग आणविक का निर्माण परमाणु कक्षक के घटाव ओवर लैप द्वारा किया जाता है।
B. प्रतिबन्धी (विपरीत) अणु कक्षक दो परमाणु कक्षकों के व्यवकलित अतिव्यापन द्वारा होता है। आणविक कक्षीय सिद्धांत के लिए माध्यमिक कक्षीय संयोजन नए आणविक कक्षक का निर्माण करता है। जैसे परमाणु में परमाणु कक्षक होते है और अणु में आणविक कक्षक होते है।
उत्पादित आणविक कक्षक की कुल संख्या हमेशा सयुक्त परमाणुओं द्वारा योगदान किए गए परमाणु कक्षकों की कुल संख्या के बराबर होती है। बॉन्डिंग मॉलिक्यूलर ऑर्बिटल ऊर्जा मे कम होता है। फिर पैरेंट ऑर्बिटल और एंटीबॉन्डिंग ऑर्बिटल और एंटीबॉन्डिंग ऑर्बिटल पेरेंट ऑर्बिटल की तुलना आबंधन आण्विक कक्षक का निर्माण परमाणु कक्षकों के अतिरिक्त अतिव्यापन से होता है।
ऐंटीबॉन्डिंग आणविक का निर्माण परमाणु कक्षक के घटाव ओवर लैप द्वारा किया जाता है।