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Q: ‘अन्धेर-नगरी’ के लेखक हैं -
  • A. प्रतापनारायण मिश्र
  • B. हरिकृष्ण प्रेमी
  • C. भारतेन्दु हरिश्चन्द्र
  • D. रामकुमार वर्मा
Correct Answer: Option C - अन्धेर नगरी नामक नाटक के लेखक भारतेन्दु हरिशचन्द्र है। इनके अन्य नाटक- वैदिकी हिंसा हिंसा न भवति, विषस्य विषमौषधम, प्रेमयोगिनी, चन्द्रावली, भारत दुर्दशा, नीलदेवी, तथा सती प्रताप आदि हैं। जबकि रक्षाबंधन, पाताल विजय, प्रतिशोध, शिवसाधना, छायाबंधन, स्वप्नभंग, आहुति, उद्धार, प्रकाश स्तम्भ, कीर्ति स्तम्भ, शतरंज के खिलाड़ी, संरक्षक, साँपो की सृष्टि, रक्तदान, आन का मान, अमर आन, अमर बलिदान तथा अमृतपुत्री आदि हरिकृष्ण प्रेमी के नाटक है। कौमुदी महोत्सव, विजयपर्व, राजरानी सीता तथा चारूमित्रा आदि रामकुमार वर्मा के नाटक है।
C. अन्धेर नगरी नामक नाटक के लेखक भारतेन्दु हरिशचन्द्र है। इनके अन्य नाटक- वैदिकी हिंसा हिंसा न भवति, विषस्य विषमौषधम, प्रेमयोगिनी, चन्द्रावली, भारत दुर्दशा, नीलदेवी, तथा सती प्रताप आदि हैं। जबकि रक्षाबंधन, पाताल विजय, प्रतिशोध, शिवसाधना, छायाबंधन, स्वप्नभंग, आहुति, उद्धार, प्रकाश स्तम्भ, कीर्ति स्तम्भ, शतरंज के खिलाड़ी, संरक्षक, साँपो की सृष्टि, रक्तदान, आन का मान, अमर आन, अमर बलिदान तथा अमृतपुत्री आदि हरिकृष्ण प्रेमी के नाटक है। कौमुदी महोत्सव, विजयपर्व, राजरानी सीता तथा चारूमित्रा आदि रामकुमार वर्मा के नाटक है।

Explanations:

अन्धेर नगरी नामक नाटक के लेखक भारतेन्दु हरिशचन्द्र है। इनके अन्य नाटक- वैदिकी हिंसा हिंसा न भवति, विषस्य विषमौषधम, प्रेमयोगिनी, चन्द्रावली, भारत दुर्दशा, नीलदेवी, तथा सती प्रताप आदि हैं। जबकि रक्षाबंधन, पाताल विजय, प्रतिशोध, शिवसाधना, छायाबंधन, स्वप्नभंग, आहुति, उद्धार, प्रकाश स्तम्भ, कीर्ति स्तम्भ, शतरंज के खिलाड़ी, संरक्षक, साँपो की सृष्टि, रक्तदान, आन का मान, अमर आन, अमर बलिदान तथा अमृतपुत्री आदि हरिकृष्ण प्रेमी के नाटक है। कौमुदी महोत्सव, विजयपर्व, राजरानी सीता तथा चारूमित्रा आदि रामकुमार वर्मा के नाटक है।