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Q: अनुच्छेद को पढ़कर पूछे गये प्रश्नों (प्र. 27 से 30) के उत्तर दीजिए: सच्चा उत्साह वही होता है जो मनुष्य को कार्य करने के लिए प्रेरणा देता है। मनुष्य किसी भी कारणवश जब किसी के कष्ट को दूर करने का संकल्प करता है, तब जिस सुख को वह अनुभव करता है, वह सुख विशेष रूप से प्रेरणा देने वाला होता है। जिस भी कार्य को करने के लिए मनुष्य में कष्ट, दु:ख या हानि को सहन करने की ताकत आती है, उन सबसे उत्पन्न आनंद ही उत्साह कहलाता है। उदाहरण के लिए दान देने वाला व्यक्ति निश्चय ही अपने भीतर एक विशेष साहस रखता है और वह है धन-त्याग का साहस। यही त्याग यदि मनुष्य प्रसन्नता के साथ करता है तो उसे उत्साह से किया गया दान कहा जाएगा। उत्साह आनंद और साहस का मिला-जुला रूप है। उत्साह में किसी-न-किसी वस्तु पर ध्यान अवश्य वेंâद्रित होता है। वह चाहे कर्म पर, चाहे कर्म के फल पर और चाहे व्यक्ति या वस्तु पर हो। इन्ही के आधार पर कर्म करने में आनंद मिलता है। कर्म-भावना से उत्पन्न आनंद का अनुभव केवल सच्चे वीर ही कर सकते हैं, क्योंकि उनमें साहस की अधिकता होती है। सामान्य व्यक्ति कार्य पूरा हो जाने पर जिस आनंद का अनुभव करता है, सच्चा वीर कार्य प्रारंभ होने पर ही उसका अनुभव कर लेता है। आलस्य उत्साह का सबसे बड़ा शत्रु है। जो व्यक्ति आलस्य से भरा होगा, उसमें काम करने के प्रति उत्साह कभी उत्पन्न नहीं हो सकता। उत्साही व्यक्ति असफल होने पर भी कार्य करता रहता है। उत्साही व्यक्ति सदा दृढ़-निश्चयी होता है। ‘सच्चा उत्साह वही होता है जो मनुष्य को कार्य करने के लिए प्रेरणा देता है।’ उपवाक्य का प्रकार है–
  • A. प्रधान उपवाक्य
  • B. विशेषण उपवाक्य
  • C. क्रिया-विशेषण उपवाक्य
  • D. संज्ञा उपवाक्य
Correct Answer: Option B - विशेषण उपवाक्य-जो उपवाक्य किसी दूसरे उपवाक्य में आए संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता प्रकट करता है, उसे विशेषण उपवाक्य कहते हैं। जैसे-वह विद्यार्थी जो कल अनुपस्थित था, आवश्यक कार्य के कारण नहीं आया है।
B. विशेषण उपवाक्य-जो उपवाक्य किसी दूसरे उपवाक्य में आए संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता प्रकट करता है, उसे विशेषण उपवाक्य कहते हैं। जैसे-वह विद्यार्थी जो कल अनुपस्थित था, आवश्यक कार्य के कारण नहीं आया है।

Explanations:

विशेषण उपवाक्य-जो उपवाक्य किसी दूसरे उपवाक्य में आए संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता प्रकट करता है, उसे विशेषण उपवाक्य कहते हैं। जैसे-वह विद्यार्थी जो कल अनुपस्थित था, आवश्यक कार्य के कारण नहीं आया है।