Correct Answer:
Option B - भूकम्प प्रतिरोधी निर्माण में भवनों की तन्यता (Ductitity) पर विचार किया जाता है। कम तन्यता वाले भवनों में क्षति अधिक होती है।
भवनों में प्रबलित कंक्रीट व इस्पात के प्रयोग पर बल दिया जाता है, क्योंकि इन पदार्थों की तन्यता अच्छी होती है और भूकम्प के प्रति ये उच्च प्रतिरोधी होते है।
B. भूकम्प प्रतिरोधी निर्माण में भवनों की तन्यता (Ductitity) पर विचार किया जाता है। कम तन्यता वाले भवनों में क्षति अधिक होती है।
भवनों में प्रबलित कंक्रीट व इस्पात के प्रयोग पर बल दिया जाता है, क्योंकि इन पदार्थों की तन्यता अच्छी होती है और भूकम्प के प्रति ये उच्च प्रतिरोधी होते है।