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Q: An AC current can be produced by AC करेन्ट को कैसे उत्पन्न करते हैं?
  • A. Choke coil/चोक कुंडली द्वारा
  • B. dynamo/डायनामो द्वारा
  • C. transformer/ट्रांसफॉर्मर द्वारा
  • D. None of the above/उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option B - ए.सी. करेन्ट को डायनमों उत्पन्न करता है। डायनमो या ए.सी. जेनरेटर एक ऐसा यंत्र है जो यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा मेें परिवर्तित कर देता है। यह विद्युत चुम्बकीय प्रेरणा के सिद्धान्त पर कार्य करता है। जब तारों की एक कुण्डली को स्थायी चुम्बकीय क्षेत्र में घुमाया जाता है तो उसमें प्रेरित विद्युत धारा उत्पन्न हो जाती है। यह बाह्य परिपथ में ए.सी. भेजता है। चोक कुंडली-विद्युत परिपथ में प्रत्यावर्ती धारा की प्रबलता कम करने वाली कुण्डली को चोक कुण्डली कहा जाता है। ट्रांसफॉर्मर-यह एक ऐसा उपकरण है जिससे बिना विद्युत शक्ति नष्ट किए हुए प्रत्यावर्ती धारा के विद्युत वाहक बल का मान बढ़ाया या घटाया जा सकता है। यह पारस्परिक प्रेरणा के सिद्धान्त पर कार्य करता है।
B. ए.सी. करेन्ट को डायनमों उत्पन्न करता है। डायनमो या ए.सी. जेनरेटर एक ऐसा यंत्र है जो यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा मेें परिवर्तित कर देता है। यह विद्युत चुम्बकीय प्रेरणा के सिद्धान्त पर कार्य करता है। जब तारों की एक कुण्डली को स्थायी चुम्बकीय क्षेत्र में घुमाया जाता है तो उसमें प्रेरित विद्युत धारा उत्पन्न हो जाती है। यह बाह्य परिपथ में ए.सी. भेजता है। चोक कुंडली-विद्युत परिपथ में प्रत्यावर्ती धारा की प्रबलता कम करने वाली कुण्डली को चोक कुण्डली कहा जाता है। ट्रांसफॉर्मर-यह एक ऐसा उपकरण है जिससे बिना विद्युत शक्ति नष्ट किए हुए प्रत्यावर्ती धारा के विद्युत वाहक बल का मान बढ़ाया या घटाया जा सकता है। यह पारस्परिक प्रेरणा के सिद्धान्त पर कार्य करता है।

Explanations:

ए.सी. करेन्ट को डायनमों उत्पन्न करता है। डायनमो या ए.सी. जेनरेटर एक ऐसा यंत्र है जो यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा मेें परिवर्तित कर देता है। यह विद्युत चुम्बकीय प्रेरणा के सिद्धान्त पर कार्य करता है। जब तारों की एक कुण्डली को स्थायी चुम्बकीय क्षेत्र में घुमाया जाता है तो उसमें प्रेरित विद्युत धारा उत्पन्न हो जाती है। यह बाह्य परिपथ में ए.सी. भेजता है। चोक कुंडली-विद्युत परिपथ में प्रत्यावर्ती धारा की प्रबलता कम करने वाली कुण्डली को चोक कुण्डली कहा जाता है। ट्रांसफॉर्मर-यह एक ऐसा उपकरण है जिससे बिना विद्युत शक्ति नष्ट किए हुए प्रत्यावर्ती धारा के विद्युत वाहक बल का मान बढ़ाया या घटाया जा सकता है। यह पारस्परिक प्रेरणा के सिद्धान्त पर कार्य करता है।