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Q: Amir Khusro was a famous court poet of: अमीर खुसरो________ के सुविख्यात दरबारी कवि थे
  • A. Akbar/अकबर
  • B. Alauddin Khalji/अलाउद्दीन खिलजी
  • C. Mahmud Ghazanvi/मुहम्मद गजनबी
  • D. Lodi/लोदी
Correct Answer: Option B - अमीर खुसरो अलाउद्दीन खिलजी के सुविख्यात दरबारी कवि थे। अमीर खुसरों का मूल नाम अबुल हसन था। इनका जन्म 1253 ई. में एटा जिले के पटियाली (उ.प्र.) में हुआ था। अमीर खुसरो प्रसिद्ध सूफी सन्त शेख निजामुद्दीन औलिया के शिष्य थे। वह बलबन से लेकर मुहम्मद बिन तुगलक के शासन काल तक दिल्ली सल्तनत के 7 विभिन्न सुल्तानों के दरबार में रहे। इन्हें ‘तुतिए हिन्द’ के नाम से भी जाना जाता है। सितार एवं तबले के आविष्कार का श्रेय अमीर खुसरोें को ही दिया जाता है।
B. अमीर खुसरो अलाउद्दीन खिलजी के सुविख्यात दरबारी कवि थे। अमीर खुसरों का मूल नाम अबुल हसन था। इनका जन्म 1253 ई. में एटा जिले के पटियाली (उ.प्र.) में हुआ था। अमीर खुसरो प्रसिद्ध सूफी सन्त शेख निजामुद्दीन औलिया के शिष्य थे। वह बलबन से लेकर मुहम्मद बिन तुगलक के शासन काल तक दिल्ली सल्तनत के 7 विभिन्न सुल्तानों के दरबार में रहे। इन्हें ‘तुतिए हिन्द’ के नाम से भी जाना जाता है। सितार एवं तबले के आविष्कार का श्रेय अमीर खुसरोें को ही दिया जाता है।

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अमीर खुसरो अलाउद्दीन खिलजी के सुविख्यात दरबारी कवि थे। अमीर खुसरों का मूल नाम अबुल हसन था। इनका जन्म 1253 ई. में एटा जिले के पटियाली (उ.प्र.) में हुआ था। अमीर खुसरो प्रसिद्ध सूफी सन्त शेख निजामुद्दीन औलिया के शिष्य थे। वह बलबन से लेकर मुहम्मद बिन तुगलक के शासन काल तक दिल्ली सल्तनत के 7 विभिन्न सुल्तानों के दरबार में रहे। इन्हें ‘तुतिए हिन्द’ के नाम से भी जाना जाता है। सितार एवं तबले के आविष्कार का श्रेय अमीर खुसरोें को ही दिया जाता है।