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Q: अमृतसर की संधि (1809) के बारे में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. इस संधि के द्वारा पंजाब और ब्रिटिश भारत के बीच सतलज को सीमा के रूप में निर्धारित किया गया 2. इस संधि के बाद महाराजा रणजीत सिंह जम्मू, मुल्तान और कश्मीर को अपने अधिकार-क्षेत्र में मिला लेने में समर्थ हुए थे उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
  • A. केवल 1
  • B. केवल 2
  • C. 1 और 2 दोनों
  • D. न तो 1, न ही 2
Correct Answer: Option C - अंग्रेजों तथा विरोधी सिक्ख राज्यों के भय के कारण रणजीत सिंह ने 25 अप्रैल, 1809 ई. में लार्ड मिंटो के दूत चार्ल्स मेटकाफ से अमृतसर की संधि की। इस संधि के द्वारा पंजाब और ब्रिटिश भारत के बीच सतलज नदी को सीमा के रूप में निर्धारित किया गया। नदी के पूर्वी तट पर रणजीत सिंह ने राज्य विस्तार न करने का वायदा किया। संधि के पश्चात् रणजीत सिंह ने जम्मू, मुल्तान और कश्मीर को अपने अधिकार क्षेत्र में मिला लिया। महाराजा रणजीत सिंह के उत्तराधिकारी खड़ग सिंह थे।
C. अंग्रेजों तथा विरोधी सिक्ख राज्यों के भय के कारण रणजीत सिंह ने 25 अप्रैल, 1809 ई. में लार्ड मिंटो के दूत चार्ल्स मेटकाफ से अमृतसर की संधि की। इस संधि के द्वारा पंजाब और ब्रिटिश भारत के बीच सतलज नदी को सीमा के रूप में निर्धारित किया गया। नदी के पूर्वी तट पर रणजीत सिंह ने राज्य विस्तार न करने का वायदा किया। संधि के पश्चात् रणजीत सिंह ने जम्मू, मुल्तान और कश्मीर को अपने अधिकार क्षेत्र में मिला लिया। महाराजा रणजीत सिंह के उत्तराधिकारी खड़ग सिंह थे।

Explanations:

अंग्रेजों तथा विरोधी सिक्ख राज्यों के भय के कारण रणजीत सिंह ने 25 अप्रैल, 1809 ई. में लार्ड मिंटो के दूत चार्ल्स मेटकाफ से अमृतसर की संधि की। इस संधि के द्वारा पंजाब और ब्रिटिश भारत के बीच सतलज नदी को सीमा के रूप में निर्धारित किया गया। नदी के पूर्वी तट पर रणजीत सिंह ने राज्य विस्तार न करने का वायदा किया। संधि के पश्चात् रणजीत सिंह ने जम्मू, मुल्तान और कश्मीर को अपने अधिकार क्षेत्र में मिला लिया। महाराजा रणजीत सिंह के उत्तराधिकारी खड़ग सिंह थे।