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Q: ‘‘अम्बर-पनघट में डुबो रही, तारा-घट ऊषा-नागरी।’’ में कौन-सा अलंकार है?
  • A. अनुप्रास
  • B. श्लेष
  • C. रूपक
  • D. उपमा
Correct Answer: Option C - ‘अम्बर पनघट में डूबो रही, तारा घट ऊषा-नागरी। अर्थात् आकाश पानी में डूबा हुआ प्रतीत हो अर्थात् जैसे आकाश में रात्रि में तारे हो जाते हैं और सुबह सूर्य के प्रकाश के आगे तारे नजर नहीं आते हैं अर्थात् इसमें रूपक अलंकार है।
C. ‘अम्बर पनघट में डूबो रही, तारा घट ऊषा-नागरी। अर्थात् आकाश पानी में डूबा हुआ प्रतीत हो अर्थात् जैसे आकाश में रात्रि में तारे हो जाते हैं और सुबह सूर्य के प्रकाश के आगे तारे नजर नहीं आते हैं अर्थात् इसमें रूपक अलंकार है।

Explanations:

‘अम्बर पनघट में डूबो रही, तारा घट ऊषा-नागरी। अर्थात् आकाश पानी में डूबा हुआ प्रतीत हो अर्थात् जैसे आकाश में रात्रि में तारे हो जाते हैं और सुबह सूर्य के प्रकाश के आगे तारे नजर नहीं आते हैं अर्थात् इसमें रूपक अलंकार है।