Correct Answer:
Option B - अलाउद्दीन खिलजी के शासनकाल के दौरान वस्त्र बाजार को सराय-ए-अदल के रूप में जाना जाता था। यह एक ऐसा बाजार था जहाँ परवस्त्री, शक्कर, जड़ी-बूटी, दीपक जलाने का तेल आदि वस्तुएँ बिकने के लिए आती थीं। यह सरकारी धन से साहयता प्राप्त बाजार था।
B. अलाउद्दीन खिलजी के शासनकाल के दौरान वस्त्र बाजार को सराय-ए-अदल के रूप में जाना जाता था। यह एक ऐसा बाजार था जहाँ परवस्त्री, शक्कर, जड़ी-बूटी, दीपक जलाने का तेल आदि वस्तुएँ बिकने के लिए आती थीं। यह सरकारी धन से साहयता प्राप्त बाजार था।