Correct Answer:
Option A - d-ब्लाक के तत्वों को संक्रमण तत्व कहते हैं। d-ब्लाक के तत्वों के भौतिक गुणों (जैसे-परमाणु त्रिज्या, आयनन विभव तथा ऋणविद्युतता) S-ब्लाक तथा P-ब्लाक के तत्वों के मध्य होते हैं। d-ब्लाक के अधिकांश तत्वों या आयनों में अपूर्ण d- सबशेल होती है तथा d-सबशेल के इलेक्ट्रॉनों का d- ऑर्बिटलों में संक्रमण होता रहता है। d-ब्लाक के तत्व परिवर्ती संयोजकता प्रदर्शित करते हैं। इस तत्वों का विशेष गुण होता है। उदाहरणार्थ - कॉपर की संयोजकता क्यूप्रस यौगिको में 1 होती है, तथा क्यूप्रिक यौगिकों में 2 होती है, आयरन की संयोजकता फेरस यौगिकों में 2 तथा फेरिक यौगिकों में 3 होती है। क्षारीय धातु एकसंयोजक तत्व होते हैं। क्षार धातुओं के परमाणुओं में अक्रिय गैस क्रोड के बाहर एक 8 इलेक्ट्रॉन होता है जिसे सुगमता से त्यागकर ये तत्व अक्रिय गैस की स्थायी संरचना प्राप्त कर लेते हैं। क्षार धातुओं के सभी यौगिकों में +1 संयोजकता पायी जाती है।
अत: क्षारीय धातु एवं IB (कॉपर परिवार) में +1 संयोजकता समान पायी जाती है।
A. d-ब्लाक के तत्वों को संक्रमण तत्व कहते हैं। d-ब्लाक के तत्वों के भौतिक गुणों (जैसे-परमाणु त्रिज्या, आयनन विभव तथा ऋणविद्युतता) S-ब्लाक तथा P-ब्लाक के तत्वों के मध्य होते हैं। d-ब्लाक के अधिकांश तत्वों या आयनों में अपूर्ण d- सबशेल होती है तथा d-सबशेल के इलेक्ट्रॉनों का d- ऑर्बिटलों में संक्रमण होता रहता है। d-ब्लाक के तत्व परिवर्ती संयोजकता प्रदर्शित करते हैं। इस तत्वों का विशेष गुण होता है। उदाहरणार्थ - कॉपर की संयोजकता क्यूप्रस यौगिको में 1 होती है, तथा क्यूप्रिक यौगिकों में 2 होती है, आयरन की संयोजकता फेरस यौगिकों में 2 तथा फेरिक यौगिकों में 3 होती है। क्षारीय धातु एकसंयोजक तत्व होते हैं। क्षार धातुओं के परमाणुओं में अक्रिय गैस क्रोड के बाहर एक 8 इलेक्ट्रॉन होता है जिसे सुगमता से त्यागकर ये तत्व अक्रिय गैस की स्थायी संरचना प्राप्त कर लेते हैं। क्षार धातुओं के सभी यौगिकों में +1 संयोजकता पायी जाती है।
अत: क्षारीय धातु एवं IB (कॉपर परिवार) में +1 संयोजकता समान पायी जाती है।