Correct Answer:
Option D - अलग-अलग राजस्थानी चित्रों की पहचान का उत्तम साधन आँख है। राजस्थान की मेवाड़ शैली के चित्रों में मछली जैसे नेत्र, किशनगढ़ शैली के चित्रों में बने कमलाकृत काजल मुक्त बड़े व बाँके नयन, जोधपुर शैली के चित्रों में खंजनाकृति एवं किंचित ऊपर की ओर मुड़ी हुई कटाक्ष रेखा वाले नेत्र, अलवर शैली के चित्रों में मत्स्याकार आँखें और बूँदी शैली के चित्रों में परवल की फाँक के समान उन्मीलित भावपूर्ण नेत्र हमें दिखाई पड़ते हैं।
D. अलग-अलग राजस्थानी चित्रों की पहचान का उत्तम साधन आँख है। राजस्थान की मेवाड़ शैली के चित्रों में मछली जैसे नेत्र, किशनगढ़ शैली के चित्रों में बने कमलाकृत काजल मुक्त बड़े व बाँके नयन, जोधपुर शैली के चित्रों में खंजनाकृति एवं किंचित ऊपर की ओर मुड़ी हुई कटाक्ष रेखा वाले नेत्र, अलवर शैली के चित्रों में मत्स्याकार आँखें और बूँदी शैली के चित्रों में परवल की फाँक के समान उन्मीलित भावपूर्ण नेत्र हमें दिखाई पड़ते हैं।