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Q: ‘‘अज्ञ: सुखमाराध्य: सुखतरमाराध्यते विशेषज्ञ:’’ इस पंक्ति के रचयिता है
  • A. भर्तृहरि
  • B. विषणुशर्मा
  • C. कल्हण
  • D. कालिदास
Correct Answer: Option A - ‘‘अज्ञ: सुखमाराध्य: सुखतरमाराध्यते विशेषज्ञ:’’ इस पंक्ति के रचयिता भर्तृहरि हैं। यह सूक्ति वाक्य नीतिशतकम् का है। अर्थ-अज्ञानी को सुखपूर्वक प्रसन्न किया जा सकता है और विशेषज्ञ अर्थात् सब कुछ जानने वाले को और भी आसानी से प्रसन्न या संतुष्ट किया जा सकता है।
A. ‘‘अज्ञ: सुखमाराध्य: सुखतरमाराध्यते विशेषज्ञ:’’ इस पंक्ति के रचयिता भर्तृहरि हैं। यह सूक्ति वाक्य नीतिशतकम् का है। अर्थ-अज्ञानी को सुखपूर्वक प्रसन्न किया जा सकता है और विशेषज्ञ अर्थात् सब कुछ जानने वाले को और भी आसानी से प्रसन्न या संतुष्ट किया जा सकता है।

Explanations:

‘‘अज्ञ: सुखमाराध्य: सुखतरमाराध्यते विशेषज्ञ:’’ इस पंक्ति के रचयिता भर्तृहरि हैं। यह सूक्ति वाक्य नीतिशतकम् का है। अर्थ-अज्ञानी को सुखपूर्वक प्रसन्न किया जा सकता है और विशेषज्ञ अर्थात् सब कुछ जानने वाले को और भी आसानी से प्रसन्न या संतुष्ट किया जा सकता है।