Correct Answer:
Option B - अभिक्रमी नदियाँ (Aggrading River)–जब नदी अपने तल को किसी विशेष अनुलम्ब ढाल में ढालने में लगी रहती है, तो इसे अभिक्रमी नदी कहते है। इस अवस्था में नदी में सिल्टिंग अधिक होती है, जिसके कारण यह अपनी विशेष ढाल बनाती है। नदी का अत्यधिक तल–छट भार नीचे बैठने लगता है और अभिक्रमी क्रिया प्रारम्भ हो जाती है।
अभिक्रमी होेने का कारण–जब नदी के पानी में सिल्ट की मात्रा अत्यधिक होती है और प्रवाह की गति धीमी होती है तो वह सिल्ट भार नीचे बैठने लगता है।
B. अभिक्रमी नदियाँ (Aggrading River)–जब नदी अपने तल को किसी विशेष अनुलम्ब ढाल में ढालने में लगी रहती है, तो इसे अभिक्रमी नदी कहते है। इस अवस्था में नदी में सिल्टिंग अधिक होती है, जिसके कारण यह अपनी विशेष ढाल बनाती है। नदी का अत्यधिक तल–छट भार नीचे बैठने लगता है और अभिक्रमी क्रिया प्रारम्भ हो जाती है।
अभिक्रमी होेने का कारण–जब नदी के पानी में सिल्ट की मात्रा अत्यधिक होती है और प्रवाह की गति धीमी होती है तो वह सिल्ट भार नीचे बैठने लगता है।