Correct Answer:
Option D - अगरिया जनजाति अपने लौह शिल्प के लिए जानी जाती है। अगरिया जनजाति का क्षेत्र मिर्जापुर, रीवां से लेकर राँची तक है। अगरिया जनजाति अपनी उत्पत्ति लोहासुर से मानते हैं, कुछ लोगों का यह भी मानना है कि यह महिषासुर के वंशज हैं। यह रावण के प्रति अपनी आस्था रखते हैं और नवरात्रि एवं दशहरा नहीं मनाते हैं।
D. अगरिया जनजाति अपने लौह शिल्प के लिए जानी जाती है। अगरिया जनजाति का क्षेत्र मिर्जापुर, रीवां से लेकर राँची तक है। अगरिया जनजाति अपनी उत्पत्ति लोहासुर से मानते हैं, कुछ लोगों का यह भी मानना है कि यह महिषासुर के वंशज हैं। यह रावण के प्रति अपनी आस्था रखते हैं और नवरात्रि एवं दशहरा नहीं मनाते हैं।