Correct Answer:
Option B - जनांकिकीय संक्रमण के सिद्धांत का प्रतिपादन वर्ष 1929 में डब्ल्यू० एम० थॉमसन ने किया, परन्तु इसको व्यवस्थित एवं वैज्ञानिक रूप पैंâक नोटेंस्टीन द्वारा वर्ष 1945 में दिया गया। इसलिए नोटेंस्टीन को जनांकिकी का जनक कहा जाता है।
⇒ जनांकिकी संक्रमण एक ऐसा प्रतिमान है, जो लम्बे समय के दौरान जनसंख्या में हुए परिवर्तन को दर्शाता है।
⇒ जनांकिकीय संक्रमण का अभिप्राय उच्च जन्मदर और उच्च मृत्युदर की स्थिति से कम जन्मदर और कम मृत्युदर की स्थिति की ओर बढ़ना है।
B. जनांकिकीय संक्रमण के सिद्धांत का प्रतिपादन वर्ष 1929 में डब्ल्यू० एम० थॉमसन ने किया, परन्तु इसको व्यवस्थित एवं वैज्ञानिक रूप पैंâक नोटेंस्टीन द्वारा वर्ष 1945 में दिया गया। इसलिए नोटेंस्टीन को जनांकिकी का जनक कहा जाता है।
⇒ जनांकिकी संक्रमण एक ऐसा प्रतिमान है, जो लम्बे समय के दौरान जनसंख्या में हुए परिवर्तन को दर्शाता है।
⇒ जनांकिकीय संक्रमण का अभिप्राय उच्च जन्मदर और उच्च मृत्युदर की स्थिति से कम जन्मदर और कम मृत्युदर की स्थिति की ओर बढ़ना है।