Correct Answer:
Option B - गाँधी-इरविन समझौता, जिसे दिल्ली पैक्ट के नाम से भी जाना जाता है। 5 मार्च 1931 को दिल्ली में हुआ। इस समझौते को दिल्ली समझौता भी कहा जाता हैं। गाँधी-इरविन समझौते का कांग्रेस नेताओं ने बहुमत से स्वागत किया। श्री के.एम. मुंशी ने इस समझौते को ‘‘भारत के सांविधानिक इतिहास में एक युग प्रवर्तक घटना कहा।’’ इस समझौते के बाद द्वितीय गोलमेज सम्मेलन का आयोजन 7 सितम्बर 1931 ई. से 1 दिसम्बर 1931 ई. को सेंट जेम्स पैलेस (लंदन) में किया गया।
B. गाँधी-इरविन समझौता, जिसे दिल्ली पैक्ट के नाम से भी जाना जाता है। 5 मार्च 1931 को दिल्ली में हुआ। इस समझौते को दिल्ली समझौता भी कहा जाता हैं। गाँधी-इरविन समझौते का कांग्रेस नेताओं ने बहुमत से स्वागत किया। श्री के.एम. मुंशी ने इस समझौते को ‘‘भारत के सांविधानिक इतिहास में एक युग प्रवर्तक घटना कहा।’’ इस समझौते के बाद द्वितीय गोलमेज सम्मेलन का आयोजन 7 सितम्बर 1931 ई. से 1 दिसम्बर 1931 ई. को सेंट जेम्स पैलेस (लंदन) में किया गया।