Correct Answer:
Option D - क्रिया और प्रतिक्रिया अलग-अलग पिण्डों पर किन्तु विपरीत दिशा में लागू होती है।
न्यूटन के गति के तृतीय नियम को क्रिया-प्रतिक्रिया का नियम कहते है। इस नियम के अनुसार प्रत्येक क्रिया के बराबर परन्तु विपरीत दिशा में प्रतिक्रिया होती है। अर्थात् दो वस्तुओं की पारस्परिक क्रिया में एक वस्तु दूसरी वस्तु पर जितना बल लगाती है, दूसरी वस्तु भी विपरीत दिशा में उतना ही बल पहली वस्तु पर लगाती है। इसमें एक बल को क्रिया व दूसरे को प्रतिक्रिया बल कहते है।
उदाहरण–
(i) रॉकेट का आगे बढ़ना।
(ii) ऊँचाई से कूदने पर चोट लगना।
(iii) बंदूक से गोली छोड़ते समय पीछे की ओर झटका लगना।
(iv) नाव खेने के लिए बाँस से जमीन को दबाना।
D. क्रिया और प्रतिक्रिया अलग-अलग पिण्डों पर किन्तु विपरीत दिशा में लागू होती है।
न्यूटन के गति के तृतीय नियम को क्रिया-प्रतिक्रिया का नियम कहते है। इस नियम के अनुसार प्रत्येक क्रिया के बराबर परन्तु विपरीत दिशा में प्रतिक्रिया होती है। अर्थात् दो वस्तुओं की पारस्परिक क्रिया में एक वस्तु दूसरी वस्तु पर जितना बल लगाती है, दूसरी वस्तु भी विपरीत दिशा में उतना ही बल पहली वस्तु पर लगाती है। इसमें एक बल को क्रिया व दूसरे को प्रतिक्रिया बल कहते है।
उदाहरण–
(i) रॉकेट का आगे बढ़ना।
(ii) ऊँचाई से कूदने पर चोट लगना।
(iii) बंदूक से गोली छोड़ते समय पीछे की ओर झटका लगना।
(iv) नाव खेने के लिए बाँस से जमीन को दबाना।