Correct Answer:
Option C - आघूर्णों के सिद्धांत के अनुसार-यदि किसी पिण्ड पर लगे अनेक बलों के किसी बिन्दु पर घूर्णों का बीजगणितीय योग शून्य है, तो पिण्ड घूमने के सन्दर्भ में सन्तुलन में होगा अथवा यदि समतलीय बलों का निकाय संतुलन में है, तो उस तल में स्थित किसी बिंदु के सापेक्ष उनके आघूर्णों का बीजगणितीय योग शून्य होता है।
वैरिग्नॉन का प्रमेय:-किसी भी बिन्दु पर लगने वाले किसी भी दो बलों के आघूर्णों का बीजगणितीय योग, उस बिन्दु पर परिणामी आघूर्ण के बराबर होता है।
C. आघूर्णों के सिद्धांत के अनुसार-यदि किसी पिण्ड पर लगे अनेक बलों के किसी बिन्दु पर घूर्णों का बीजगणितीय योग शून्य है, तो पिण्ड घूमने के सन्दर्भ में सन्तुलन में होगा अथवा यदि समतलीय बलों का निकाय संतुलन में है, तो उस तल में स्थित किसी बिंदु के सापेक्ष उनके आघूर्णों का बीजगणितीय योग शून्य होता है।
वैरिग्नॉन का प्रमेय:-किसी भी बिन्दु पर लगने वाले किसी भी दो बलों के आघूर्णों का बीजगणितीय योग, उस बिन्दु पर परिणामी आघूर्ण के बराबर होता है।