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Q: According to the principle of moments- आघूर्णों के सिद्धांत (principle of moments) के अनुसार-
  • A. If a system of coplanar forces is in equilibrium, then their algebric sum is zero यदि समतलीय बलों (coplanar forces) का निकाय संतुलन में है, तो उनका बीजगणितीय योग शून्य होता है
  • B. Positive and negative couples can be balanced धनात्मक और ऋणात्मक बलयुग्म संतुलित हो सकते हैं
  • C. If a system of coplanar forces is in equilibrium, then the algebric sum of their moments about any point in their plane is zero/यदि समतलीय बलों का निकाय संतुलन में है, तो उस तल में स्थित किसी बिंदु के सापेक्ष उनके आघूर्णों का बीजगणितीय योग शून्य होता है
  • D. The algebric sum of the moments of any two forces about any point is equal to the moment of the resultant about the same point किसी भी बिंदु पर लगने वाले किसी भी दो बलों के आघूर्णों का बीजगणितीय योग, उस बिंदु पर परिणामी आघूर्ण के बराबर होता है
Correct Answer: Option C - आघूर्णों के सिद्धांत के अनुसार-यदि किसी पिण्ड पर लगे अनेक बलों के किसी बिन्दु पर घूर्णों का बीजगणितीय योग शून्य है, तो पिण्ड घूमने के सन्दर्भ में सन्तुलन में होगा अथवा यदि समतलीय बलों का निकाय संतुलन में है, तो उस तल में स्थित किसी बिंदु के सापेक्ष उनके आघूर्णों का बीजगणितीय योग शून्य होता है। वैरिग्नॉन का प्रमेय:-किसी भी बिन्दु पर लगने वाले किसी भी दो बलों के आघूर्णों का बीजगणितीय योग, उस बिन्दु पर परिणामी आघूर्ण के बराबर होता है।
C. आघूर्णों के सिद्धांत के अनुसार-यदि किसी पिण्ड पर लगे अनेक बलों के किसी बिन्दु पर घूर्णों का बीजगणितीय योग शून्य है, तो पिण्ड घूमने के सन्दर्भ में सन्तुलन में होगा अथवा यदि समतलीय बलों का निकाय संतुलन में है, तो उस तल में स्थित किसी बिंदु के सापेक्ष उनके आघूर्णों का बीजगणितीय योग शून्य होता है। वैरिग्नॉन का प्रमेय:-किसी भी बिन्दु पर लगने वाले किसी भी दो बलों के आघूर्णों का बीजगणितीय योग, उस बिन्दु पर परिणामी आघूर्ण के बराबर होता है।

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आघूर्णों के सिद्धांत के अनुसार-यदि किसी पिण्ड पर लगे अनेक बलों के किसी बिन्दु पर घूर्णों का बीजगणितीय योग शून्य है, तो पिण्ड घूमने के सन्दर्भ में सन्तुलन में होगा अथवा यदि समतलीय बलों का निकाय संतुलन में है, तो उस तल में स्थित किसी बिंदु के सापेक्ष उनके आघूर्णों का बीजगणितीय योग शून्य होता है। वैरिग्नॉन का प्रमेय:-किसी भी बिन्दु पर लगने वाले किसी भी दो बलों के आघूर्णों का बीजगणितीय योग, उस बिन्दु पर परिणामी आघूर्ण के बराबर होता है।