Correct Answer:
Option A - IS : 800-2007 क्लॉज 10.2.3.2 व 10.2.3.3 के अनुसार-
(i) प्रतिबल की दिशा में स्थित दो निकटतम रिवेट केन्द्रों के बीच दूरी निम्न से अधिक नहीं होनी चाहिए।
(a) तनन उपांगों के लिए 16t अथवा 200 mm जो भी कम है।
(b) संपीडन उपांगों के लिए 12t अथवा 200 mm जो भी कम हो।
(ii) बाह्य प्लेट के किनारे के समान्तर रिवेट रेखा पर स्थित किसी दो क्रमागत रिवेटों के बीच दूरी (100 mm + 4t) अथवा 200 जो भी कम हो से अधिक नहीं होनी चाहिए।
■ Clause 10.2.3.4 के अनुसार, जब रिवेटों को समान अंतर पर विषम व्यवस्था में लगाया गया हो तथा गेज दूरी 75 मिमी. से अधिक न हो तब उपरोक्त (i) व (ii) में अंकित रिवेट केन्द्रों के बीच की दूरी 50% बढ़ायी जा सकती है।
A. IS : 800-2007 क्लॉज 10.2.3.2 व 10.2.3.3 के अनुसार-
(i) प्रतिबल की दिशा में स्थित दो निकटतम रिवेट केन्द्रों के बीच दूरी निम्न से अधिक नहीं होनी चाहिए।
(a) तनन उपांगों के लिए 16t अथवा 200 mm जो भी कम है।
(b) संपीडन उपांगों के लिए 12t अथवा 200 mm जो भी कम हो।
(ii) बाह्य प्लेट के किनारे के समान्तर रिवेट रेखा पर स्थित किसी दो क्रमागत रिवेटों के बीच दूरी (100 mm + 4t) अथवा 200 जो भी कम हो से अधिक नहीं होनी चाहिए।
■ Clause 10.2.3.4 के अनुसार, जब रिवेटों को समान अंतर पर विषम व्यवस्था में लगाया गया हो तथा गेज दूरी 75 मिमी. से अधिक न हो तब उपरोक्त (i) व (ii) में अंकित रिवेट केन्द्रों के बीच की दूरी 50% बढ़ायी जा सकती है।