Correct Answer:
Option D - संविधान के भाग-3 में अनुच्छेद-12 से 35 तक मूल अधिकारों का वर्णन किया गया है। ये न्यायालय में प्रवर्तनीय है। ये व्यक्तियों को अदालत जाने की अनुमति देते हैं। जब भी इनका उल्लंघन हो, इन्हें उच्चतम न्यायालय द्वारा गारंटी व सुरक्षा प्रदान की जाती है। जबकि नीति निदेशक सिद्धांत (भाग-4 अनु-36 से 51 तक) राज्य के लिए केवल निर्देश है और इनके उल्लघंन पर न्यायालय नहीं जा सकते।
D. संविधान के भाग-3 में अनुच्छेद-12 से 35 तक मूल अधिकारों का वर्णन किया गया है। ये न्यायालय में प्रवर्तनीय है। ये व्यक्तियों को अदालत जाने की अनुमति देते हैं। जब भी इनका उल्लंघन हो, इन्हें उच्चतम न्यायालय द्वारा गारंटी व सुरक्षा प्रदान की जाती है। जबकि नीति निदेशक सिद्धांत (भाग-4 अनु-36 से 51 तक) राज्य के लिए केवल निर्देश है और इनके उल्लघंन पर न्यायालय नहीं जा सकते।