Correct Answer:
Option C - टरजागी के अनुसार नींव सामान्यत: दो प्रकार की होती हैं-
उथली नींव (Shallow Foundation)- वे नींवे जिनकी गहराई उनकी चौड़ाई से कम या बराबर होती है, उथली नींव की श्रेणी में आती हैं। हल्की व मध्यम भार वाली संरचनाओं तथा अच्छी मृदा में ये नींवें बहुत उपयुक्त रहती हैं। इन नींवों का निर्माण सरल तथा निर्माण व्यय भी अपेक्षाकृत कम आता है।
गहरी नींव (Deep Foundation)- इस श्रेणी के अंतर्गत वे नींव आती हैं जिनकी गहराई उनकी चौड़ाई से अधिक होती है। भारी संरचनाओं एवं कमजोर मृदाओं के लिए गहरी नींवें प्रयोग की जाती हैं। इन नींवों की भार वहन क्षमता अधिक होती है। लेकिन इनका निर्माण अपेक्षाकृत कठिन होता है तथा व्यय भी अधिक आता है।
C. टरजागी के अनुसार नींव सामान्यत: दो प्रकार की होती हैं-
उथली नींव (Shallow Foundation)- वे नींवे जिनकी गहराई उनकी चौड़ाई से कम या बराबर होती है, उथली नींव की श्रेणी में आती हैं। हल्की व मध्यम भार वाली संरचनाओं तथा अच्छी मृदा में ये नींवें बहुत उपयुक्त रहती हैं। इन नींवों का निर्माण सरल तथा निर्माण व्यय भी अपेक्षाकृत कम आता है।
गहरी नींव (Deep Foundation)- इस श्रेणी के अंतर्गत वे नींव आती हैं जिनकी गहराई उनकी चौड़ाई से अधिक होती है। भारी संरचनाओं एवं कमजोर मृदाओं के लिए गहरी नींवें प्रयोग की जाती हैं। इन नींवों की भार वहन क्षमता अधिक होती है। लेकिन इनका निर्माण अपेक्षाकृत कठिन होता है तथा व्यय भी अधिक आता है।