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Q: According to Classical Indian School of Logic, the argument-''Sound is eternal because it is produced'' is fallacious because:
  • A. It involves contradictory middle-term. इसमें व्याघाती मध्यमपद शामिल है।
  • B. Here the middle term is too narrow. क्योंकि मध्यम पद अत्यधिक संकीर्ण है।
  • C. Here the middle term is too wide. क्योंकि मध्यमपद अत्यधिक व्यापक है।
  • D. Here vyapti is condtitional. क्योंकि व्याप्ति सोपाधिक है।
Correct Answer: Option A - दिये गये तर्क - ‘‘ध्वनि शाश्वत है क्योंकि यह उत्पन्न की जाती है’’ में व्याघाती मध्यपद (Contradictory Middle term) का दोष है। ‘हेतु’ अर्थात् ‘उत्पन्न किया जाना’ वास्तव में ‘साध्य’ अर्थात् ‘शाश्वत होने’ का खंडन करता है। क्योंकि जो कुछ भी उत्पन्न होता है। वह अशाश्वत होता है।
A. दिये गये तर्क - ‘‘ध्वनि शाश्वत है क्योंकि यह उत्पन्न की जाती है’’ में व्याघाती मध्यपद (Contradictory Middle term) का दोष है। ‘हेतु’ अर्थात् ‘उत्पन्न किया जाना’ वास्तव में ‘साध्य’ अर्थात् ‘शाश्वत होने’ का खंडन करता है। क्योंकि जो कुछ भी उत्पन्न होता है। वह अशाश्वत होता है।

Explanations:

दिये गये तर्क - ‘‘ध्वनि शाश्वत है क्योंकि यह उत्पन्न की जाती है’’ में व्याघाती मध्यपद (Contradictory Middle term) का दोष है। ‘हेतु’ अर्थात् ‘उत्पन्न किया जाना’ वास्तव में ‘साध्य’ अर्थात् ‘शाश्वत होने’ का खंडन करता है। क्योंकि जो कुछ भी उत्पन्न होता है। वह अशाश्वत होता है।